Kejriwal : दिल्ली के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सत्येंद्र जैन को पीडब्ल्यूडी में भर्ती घोटाले के मामले में बड़ी राहत मिली है। सीबीआई ने कई वर्षों तक जांच के बाद उन्हें क्लीन चिट दे दी और कोर्ट ने भी यह रिपोर्ट स्वीकार करते हुए मामला बंद कर दिया।
कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा है कि—
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जांच में न तो कोई आपराधिक साजिश,
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न सत्ता का दुरुपयोग,
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न आर्थिक लाभ लेने,
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और न सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने के प्रमाण मिले हैं।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन कृत्यों की बात की जा रही है, वे महज प्रशासनिक अनियमितताएं हैं, जो न तो भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(D) के तहत अपराध हैं, और न ही किसी आपराधिक साजिश के अंतर्गत आते हैं।
सीबीआई की रिपोर्ट में यह भी कहा गया—
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इतने वर्षों की जांच के बाद भी कोई ठोस सबूत नहीं मिला जिससे यह कहा जा सके कि भ्रष्टाचार हुआ है।
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सीबीआई की रेड में भी सत्येंद्र जैन के खिलाफ कुछ नहीं मिला।
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इस आधार पर केस को आगे बढ़ाना अनावश्यक था।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं:
सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट के बाद Kejriwal ने बीजेपी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि:
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उनके नेताओं पर झूठे केस लगाए गए।
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उन्हें बिना आधार के जेल भेजा गया।
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यह सब राजनीतिक साजिश थी ताकि आम आदमी पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके।
आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा—
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यह फैसला बीजेपी के लिए आईना है।
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उन्होंने जानबूझकर सीबीआई जांच शुरू कराई ताकि दिल्ली में विकास कार्यों को रोका जा सके।
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उन्होंने यह भी साफ किया कि भर्तियां ट्रांसपेरेंट तरीके से आउटसोर्सिंग द्वारा की गई थीं, न कि सरकारी नौकरी देकर।
सत्येंद्र जैन के खिलाफ भ्रष्टाचार के सभी आरोप बेबुनियाद साबित हुए हैं। कोर्ट ने जांच एजेंसी की रिपोर्ट के आधार पर यह साफ कर दिया है कि उनके खिलाफ कोई भी आपराधिक मामला नहीं बनता।