दिल्ली में 800 करोड़ की सड़क सुधार योजना से 241 सड़कों का पुनर्विकास होगा। Wall-to-Wall तकनीक से सड़कें गड्ढामुक्त, टिकाऊ और सुरक्षित बनेंगी।
राजधानी दिल्ली में सड़क सुरक्षा और यातायात सुधार को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 800 करोड़ रुपये की बड़ी सड़क सुधार योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत 241 से अधिक प्रमुख सड़कों का पुनर्विकास किया जाएगा।
Wall-to-Wall तकनीक से मजबूत और टिकाऊ सड़कें
नई योजना में ‘Wall-to-Wall Carpeting’ तकनीक अपनाई जाएगी, जिससे सड़क की पूरी चौड़ाई में समान गुणवत्ता और मजबूती सुनिश्चित होगी। इसका उद्देश्य सिर्फ सड़क बनाना नहीं है, बल्कि लंबे समय तक टिकने वाली और सुरक्षित सड़कें तैयार करना है।
दिल्ली की सड़कों को गड्ढामुक्त और डस्ट-फ्री बनाने के लिए एक व्यापक सड़क सुधार योजना को मंजूरी दी गई है।
800 करोड़ रुपये से अधिक के बजट से 241 से अधिक प्रमुख सड़कों का पुनर्विकास होगा। ‘Wall-to-Wall Carpeting’ के माध्यम से पूरी सड़क की चौड़ाई में एकसमान गुणवत्ता और मजबूती… pic.twitter.com/ZgkgTzJVt1
— CMO Delhi (@CMODelhi) February 18, 2026
45 विधानसभा क्षेत्रों में 400 किलोमीटर सड़कों का कायाकल्प
केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से इस परियोजना में 45 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों की लगभग 400 किलोमीटर लंबी सड़कें सुधारी जाएंगी। इससे न केवल ट्रैफिक सुगम होगा, बल्कि धूल, गड्ढे और जाम की समस्या भी कम होगी।
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दिल्ली में सड़क हादसों का बढ़ता आंकड़ा
दिल्ली में सड़क हादसों की संख्या चिंता का विषय है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जानलेवा सड़क दुर्घटनाओं का करीब 28% सिर्फ 5 सड़कों पर होता है। राजधानी का कुल सड़क नेटवर्क लगभग 1400 किलोमीटर है, लेकिन रिंग रोड और आउटर रिंग रोड पर सबसे ज्यादा हादसे दर्ज किए गए हैं। साल 2025 में कुल 1578 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें बड़ी संख्या इन प्रमुख सड़कों पर हुई।
सड़क सुधार से बेहतर यातायात और सुरक्षा
सरकार की नई योजना का मकसद सिर्फ सड़कें बनाना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा, दुर्घटनाओं में कमी, और यातायात सुधार करना भी है। योजना में सड़क मरम्मत, आधुनिक तकनीक, ड्रेनेज सिस्टम, पैदल यात्रियों के लिए सुविधाएं और ट्रैफिक सुरक्षा उपायों पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह पहल दिल्ली की सड़कों की गंभीर समस्याओं को दूर करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।