उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 6 दिसंबर को बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की 69वीं पुण्यतिथि के मौके पर उनके योगदान को याद किया। इस अवसर पर उन्होंने बाबा साहेब द्वारा दिए गए एक बयान का जिक्र करते हुए देशवासियों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आंबेडकर ने हमेशा देश के लिए समानता और न्याय की बात की और कहा था, “जो व्यक्ति भारत की धरती पर पैदा हुआ है, भारत की सुविधाओं का उपयोग करता है, फिर भी भारत को अपवित्र मानता है, उसकी बातें कभी भी भारतीयों के हित में नहीं हो सकतीं।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बयान को 1931 में मौलाना मोहम्मद अली जौहर के उस बयान से जोड़ा, जिसमें उन्होंने यरूशलम में अपनी मृत्यु की इच्छा जताई थी। मुख्यमंत्री योगी ने इस संदर्भ में कहा कि बाबा साहेब ने यह विचार तब व्यक्त किया था जब एक प्रमुख नेता ने कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए वंदे मातरम गाने से मना कर दिया था।
तुष्टिकरण की नीति पर निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आदित्यनाथ ने तुष्टिकरण की नीति पर भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि जो लोग तुष्टिकरण की नीति पर चल रहे हैं, वे न केवल देश को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर का भी अपमान कर रहे हैं। उन्होंने इस नीति को भारतीय समाज और राष्ट्र की एकता के खिलाफ बताया और कहा कि ऐसे लोग बाबा साहेब के विचारों से दूर हैं।
बाबा साहेब की प्रतिमाओं की सुरक्षा बढ़ाएगी सरकार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी घोषणा की कि उत्तर प्रदेश सरकार बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं की सुरक्षा के लिए एक नया कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाबा साहेब की प्रतिमाओं के चारों ओर सुरक्षा दीवार बनाएगी ताकि शरारती तत्व इन प्रतिमाओं को नुकसान न पहुंचा सकें। मुख्यमंत्री ने इस निर्णय को बाबा साहेब के सम्मान को सुनिश्चित करने का एक बड़ा कदम बताया।
सीएम योगी ने यह भी कहा कि यह कदम न केवल बाबा साहेब के योगदान को सम्मानित करने के लिए है, बल्कि समाज में हर व्यक्ति को उनके आदर्शों के साथ एकजुट करने के लिए है।