Dietary Profile: जानिए कैसे आपकी डाइटरी प्रोफाइल यानी रोजाना खाने की आदतें सीधे ब्लड शुगर और डायबिटीज को प्रभावित करती हैं। रिफाइंड कार्ब, फाइबर और हेल्दी डाइट टिप्स के जरिए आज ही अपने शुगर लेवल को कंट्रोल करें।
Dietary Profile: हमारी डाइट यानी रोजाना खाने-पीने की आदतें हमारे स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालती हैं, खासकर ब्लड शुगर (Blood Sugar) और डायबिटीज (Diabetes) के मामले में। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी इंसान का डायटरी प्रोफाइल यानी वह दिन में क्या खाता है, उसकी डाइट की गुणवत्ता और मात्रा, सीधे तौर पर ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित करती है। आइए जानें कि आपकी डाइट में कौन-कौन सी गलत आदतें डायबिटीज का कारण बन सकती हैं और आप इन्हें कैसे सुधार सकते हैं।
डायटरी प्रोफाइल का मतलब क्या होता है?
डायटरी प्रोफाइल का अर्थ है आपके दैनिक भोजन में क्या शामिल है। इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फैट, फाइबर, मीठे पदार्थों की मात्रा, फल-सब्जियों का सेवन और भोजन का समय शामिल होता है। ये सभी फेक्टर्स आपके शरीर में ऊर्जा देने के साथ-साथ ब्लड शुगर को भी नियंत्रित करते हैं। इसलिए डायटरी प्रोफाइल का सही होना बहुत जरूरी है।
डायटरी प्रोफाइल और ब्लड शुगर का कनेक्शन
अगर आपकी डाइट में अधिक शुगर और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट (जैसे मैदा, सफेद ब्रेड) शामिल हैं, तो ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ सकता है। इससे शरीर पर इंसुलिन का दबाव बढ़ता है, जो डायबिटीज के खतरे को बढ़ाता है। वहीं, फाइबर और साबुत अनाज जैसे स्वास्थ्यवर्धक आहार ग्लूकोज को धीरे-धीरे रिलीज करते हैं, जिससे ब्लड शुगर स्थिर रहता है।
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इसके अलावा, अधिक फैट और कैलोरी वाले भोजन से मोटापा बढ़ता है, जो इंसुलिन रेजिस्टेंस का कारण बनता है और डायबिटीज की संभावना बढ़ाता है। इसलिए, अपनी डाइट को संतुलित और पौष्टिक रखना जरूरी है।
एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
Harvard Nutrition Source की रिसर्च के अनुसार, कार्बोहाइड्रेट का प्रकार और मात्रा ब्लड शुगर पर सीधा असर डालती है। American Diabetes Association भी फाइबर युक्त और कम शुगर वाली डाइट को ब्लड शुगर कंट्रोल का सबसे अच्छा तरीका मानती है।
इसलिए, सही डायटरी प्रोफाइल बनाकर आप डायबिटीज को कंट्रोल कर सकते हैं और बेहतर स्वास्थ्य का आनंद ले सकते हैं।
डायबिटीज से बचने के लिए अपनाएं ये डाइट टिप्स
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रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट जैसे मैदा और सफेद ब्रेड से बचें।
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फाइबर युक्त साबुत अनाज, फल और सब्जियों का सेवन बढ़ाएं।
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मीठे और शुगर वाले खाद्य पदार्थ कम करें।
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संतुलित प्रोटीन और हेल्दी फैट्स को अपनी डाइट में शामिल करें।
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भोजन का समय नियमित रखें और जंक फूड से बचें।