दिल्ली सरकार ने पिछले एक दशक में 4.20 लाख राशन कार्ड रद्द किए हैं। यह कदम पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए उठाया गया है। कार्ड रद्द करने के मुख्य कारणों में अयोग्य लाभार्थी, जैसे गाड़ी मालिक, सरकारी कर्मचारी, मृतक व्यक्ति और शहर छोड़कर चले गए लोग शामिल हैं।
राशन कार्ड रद्द करने की प्रक्रिया
खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग ने बताया कि जनवरी 2015 से दिसंबर 2025 के बीच राशन कार्ड रद्द किए गए। इसके पीछे फील्ड वेरिफिकेशन और आधार-आधारित ई-केवाईसी की प्रक्रिया रही। नई तकनीक के इस्तेमाल से नकली कार्डों पर रोक लगी और खाली हुई जगहों पर ही नए राशन कार्ड जारी किए गए।
बीजेपी विधायक हरीश खुराना के सवाल के जवाब में विभाग ने स्पष्ट किया कि मृतक लाभार्थियों और पलायन कर चुके लोगों के कार्ड भी रद्द किए गए। सभी लाभार्थियों का वेरिफिकेशन आधार डेटाबेस के माध्यम से किया जाता है, जिससे सिस्टम की पारदर्शिता बनी रहती है।
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नए कार्ड जारी करने की नीति
राशन कार्ड के लिए पेंडिंग आवेदन “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर प्रक्रिया में लिए जाते हैं। भारत सरकार द्वारा जारी Targeted Public Distribution System (Control) Order, 2015 के अनुसार, दिल्ली का राशन कार्ड कोटा 72,77,995 कार्ड निर्धारित किया गया था, जो अब पूरा हो चुका है।
खाद्य आपूर्ति विभाग ने बताया कि नए राशन कार्ड तभी जारी किए जाते हैं जब:
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लाभार्थी की मौत हो गई हो
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लाभार्थी पलायन कर गया हो
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कार्ड सरेंडर किया गया हो
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या पुराने कार्ड अयोग्य पाए गए हों
ई-केवाईसी और फील्ड वेरिफिकेशन
विभाग ने 2025 में गंभीर अनियमितताओं की शिकायतों के बाद राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी और फील्ड वेरिफिकेशन शुरू किया। यह प्रक्रिया अभी भी जारी है और इससे PDS में धोखाधड़ी और नकली कार्डों की संख्या में कमी लाई जा रही है।
दिल्ली सरकार लगातार PDS सुधारों को लागू कर रही है ताकि राशन लाभ केवल वास्तविक और योग्य लाभार्थियों तक ही पहुंचे।