उत्तराखंड सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन बढ़ा दी है। सात दिन जेल गए आंदोलनकारियों को अब 7,000 रुपये, विकलांगों को 30,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलेगी।
उत्तराखंड सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों के लिए बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गृह विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों की पेंशन राशि बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह घोषणा पहले राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर की गई थी और अब इसे औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम राज्य आंदोलन में योगदान देने वाले लोगों के सम्मान और उनके बलिदान के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है।
पेंशन में हुई वृद्धि
नए निर्णय के तहत शहीद आंदोलनकारियों के आश्रितों की मासिक पेंशन 3,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये कर दी गई है। पूर्ण रूप से शय्याग्रस्त और विकलांग आंदोलनकारियों को अब 20,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रतिमाह मिलेगा। वहीं, सात दिन तक जेल गए या आंदोलन के दौरान घायल हुए आंदोलनकारियों की पेंशन 6,000 रुपये से बढ़ाकर 7,000 रुपये कर दी गई है। अन्य श्रेणी के आंदोलनकारियों को अब 4,500 रुपये के बजाय 5,500 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलेगी।
विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय मंजूरी
मुख्यमंत्री ने पेंशन वृद्धि के अलावा विभिन्न विकास योजनाओं के लिए कुल 397.39 करोड़ रुपये की मंजूरी दी। इसमें चमोली जिले के नंदानगर में पार्किंग निर्माण के लिए 3.20 करोड़ रुपये, और विश्व बैंक सहायता प्राप्त यू‑प्रिपेयर परियोजना के लिए 30 करोड़ रुपये शामिल हैं।
also read: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कानून व्यवस्था पर कड़ी…
जिला एवं स्थानीय परियोजनाओं के लिए सहायता
राज्य आपदा मोचन निधि से विभिन्न जिलों में सड़कों की मरम्मत, गृह अनुदान और क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण के लिए 92.50 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। पंचम राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत नगर पंचायत चमियाला में एलईडी लाइट और कंट्रोल मॉनिटरिंग सिस्टम के लिए 3.07 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा, जिला पंचायतों को 79.09 करोड़ रुपये की चौथी तिमाही की किस्त भी जारी की जाएगी।
शिक्षा और अन्य विकास कार्यों के लिए निधि
शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत 178 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त, हरिद्वार के सतीकुंड पुनर्विकास और अल्मोड़ा में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक निर्माण के लिए भी वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
सरकार के इस फैसले को राज्य आंदोलनकारियों, उनके परिवारों और जनप्रतिनिधियों ने सराहा है। यह पेंशन वृद्धि और विकास परियोजनाएं आंदोलनकारियों के योगदान को सम्मान देने के साथ ही राज्य के व्यापक विकास में भी सहायक होंगी।