पंजाब में ईज़ी रजिस्ट्री योजना से जुलाई–दिसंबर 2025 के बीच 37 लाख से अधिक संपत्ति दस्तावेज पंजीकृत हुए। डिजिटल सुधारों से भ्रष्टाचार खत्म हुआ, पारदर्शिता बढ़ी और संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया आसान बनी।
पंजाब में संपत्ति पंजीकरण प्रणाली को पारदर्शी, तेज और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने की दिशा में शुरू की गई ईज़ी रजिस्ट्री योजना ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। पंजाब के राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन ने बताया कि जुलाई से दिसंबर 2025 के बीच राज्यभर में 37 लाख से अधिक संपत्ति दस्तावेजों का पंजीकरण किया गया, जो इस डिजिटल सुधार की प्रभावशीलता को दर्शाता है।
मंत्री ने कहा कि ईज़ी रजिस्ट्री पहल ने न केवल रिकॉर्ड स्तर पर पंजीकरण को बढ़ावा दिया है, बल्कि आम जनता के बीच सरकारी प्रक्रियाओं के प्रति विश्वास भी मजबूत किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रणाली पारदर्शिता, समयबद्ध सेवा और नागरिक सुविधा पर आधारित है, जिससे संपत्ति पंजीकरण अब पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और भरोसेमंद बन गया है।
माहवार पंजीकरण आंकड़ों में लगातार वृद्धि
राजस्व मंत्री ने पंजीकरण के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि
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जुलाई 2025 में 64,965
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अगस्त में 62,001
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सितंबर में 55,814
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अक्टूबर में 53,610
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नवंबर में 58,200
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जबकि दिसंबर 2025 में सर्वाधिक 76,377 दस्तावेजों का पंजीकरण हुआ।
उन्होंने कहा कि पंजीकरण में यह निरंतर बढ़ोतरी दर्शाती है कि लोग डिजिटल और सरल संपत्ति पंजीकरण प्रणाली को तेजी से अपना रहे हैं।
ऑनलाइन जांच से भ्रष्टाचार पर सख्त प्रहार
मंत्री मुंडियन ने बताया कि ईज़ी रजिस्ट्री के तहत दस्तावेजों की ऑनलाइन पूर्व-जांच की व्यवस्था लागू की गई है। अब बिना हस्ताक्षर वाले बिक्री विलेखों की 48 घंटे के भीतर ऑनलाइन जांच होती है, जिससे अनावश्यक देरी, उत्पीड़न और भ्रष्टाचार की संभावनाएं लगभग समाप्त हो गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जांच के दौरान उठाई गई आपत्तियों की निगरानी डिप्टी कमिश्नर और एसडीएम स्तर पर की जाती है, जिससे जवाबदेही सुनिश्चित होती है।
वीआईपी संस्कृति का अंत, सभी के लिए समान अवसर
राजस्व मंत्री ने कहा कि ‘पहले आओ, पहले पाओ’ सिद्धांत को लागू कर पंजीकरण प्रक्रिया में वीआईपी संस्कृति को खत्म किया गया है। अब नागरिक अपने जिले के किसी भी उप-पंजीयक कार्यालय में दस्तावेज पंजीकृत करा सकते हैं, जिससे एकाधिकार समाप्त हुआ है और सभी को समान सुविधा मिल रही है।
व्हाट्सएप अपडेट और शिकायत निवारण व्यवस्था
ईज़ी रजिस्ट्री को पूरी तरह नागरिक-केंद्रित बताते हुए मंत्री ने कहा कि आवेदकों को जांच, भुगतान और अपॉइंटमेंट सहित हर चरण की जानकारी स्वचालित व्हाट्सएप संदेशों के माध्यम से मिलती है। इसके अलावा, रिश्वत या अनियमितता की शिकायत के लिए सीधा शिकायत तंत्र बनाया गया है, जिसका जिला स्तर पर त्वरित समाधान किया जाता है।
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‘ड्राफ्ट माय डीड’ और घर बैठे सेवाएं
मंत्री ने बताया कि नागरिक अब ‘ड्राफ्ट माय डीड’ मॉड्यूल के जरिए विक्रय विलेख तैयार कर सकते हैं। इसके साथ ही,
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उप-पंजीयक कार्यालयों में सेवा केंद्र काउंटर
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हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से घर बैठे दस्तावेज तैयार कराने और पंजीकरण कराने की सुविधा
भी उपलब्ध कराई गई है।
एकीकृत टोकन प्रणाली और ऑनलाइन भुगतान
ईज़ी रजिस्ट्री के तहत एकीकृत टोकन प्रबंधन प्रणाली लागू की गई है, जिससे तय अपॉइंटमेंट और पूर्ण दस्तावेजों वाले नागरिकों को प्राथमिकता मिलती है। इससे प्रतीक्षा समय कम हुआ है और शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों में समान सेवा सुनिश्चित हुई है।
इसके अलावा, 25 बैंकों के माध्यम से स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क का ऑनलाइन भुगतान एक ही लेनदेन में किया जा सकता है, जिससे प्रक्रिया और अधिक सरल हो गई है।
राजस्व संग्रह और जनता के भरोसे में इज़ाफा
मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन ने कहा कि उन्नत सर्वर, प्रशिक्षित स्टाफ और मानकीकृत प्रक्रियाओं के चलते न केवल राज्य के राजस्व संग्रह में वृद्धि हुई है, बल्कि जनता का भरोसा भी सरकारी व्यवस्था पर पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि ईज़ी रजिस्ट्री पंजाब में डिजिटल गवर्नेंस और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो रही है।