मनीष सिसोदिया ने हुसैनीवाला में शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को नमन किया। इस पवित्र स्थल पर वीरों की बलिदानी मिट्टी में श्रद्धांजलि अर्पित की।
यह वही ऐतिहासिक स्थल है जहाँ 1931 में शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का अंतिम संस्कार हुआ। अंग्रेजों ने इन वीरों के शरीर को चोरी-छिपे पंचतत्व में विलीन किया था, लेकिन उनके अद्वितीय साहस और बलिदान की कहानी आज भी इस मिट्टी में जीवित है।
हाल ही में, देशभक्ति और इतिहास के प्रति गहरी श्रद्धा रखने वाले नेता मनीष सिसोदिया इस पवित्र स्थल पर पहुंचे और शहीदों को नमन किया। उन्होंने कहा कि हुसैनीवाला की मिट्टी में वीरों की बलिदानी चेतना हर कदम पर महसूस होती है।
हुसैनीवाला- यही वो धरती है जहाँ भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हुए थे। यही वह ऐतिहासिक स्थल है जहाँ 1931 में अंग्रेजों ने हमारे इन वीरों का चोरी-छिपे अंतिम संस्कार किया था।
यहाँ की मिट्टी के कण-कण में उन महान शहीदों का बलिदान समाया हुआ है।
जब भी… pic.twitter.com/R8Gpnn0F3u
— Manish Sisodia (@msisodia) March 23, 2026
मनीष सिसोदिया ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि फ़िरोज़पुर आने पर वह हमेशा इस स्थल पर आकर शहीदों की याद में सिर झुकाते हैं। उन्होंने इस मिट्टी को माथे से लगाकर अपनी श्रद्धा प्रकट की और कहा कि यह अनुभव गर्व और प्रेरणा से भर देता है।
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इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को भी संदेश दिया कि वे शहीदों के जीवन और उनके विचारों से प्रेरणा लें और देश के लिए कर्तव्यनिष्ठ होकर कार्य करें।
हुसैनीवाला, शहीदों की कहानी और देशभक्ति का प्रतीक, हर भारतीय के दिल में एक विशेष स्थान रखता है और मनीष सिसोदिया के इस नमन ने इसे और भी स्मरणीय बना दिया।