पंजाब के स्कूल शिक्षा विभाग ने फतेहगढ़ साहिब स्थित बाबा बंदा सिंह बहादुर इंजीनियरिंग कॉलेज में दो दिवसीय “शिक्षक उत्सव 2025-26” का आयोजन किया। इस मेगा इवेंट में राज्य भर से 8,000 से अधिक शिक्षकों ने भाग लिया और सरकारी स्कूलों को रचनात्मक, तकनीकी और आधुनिक शिक्षण केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा।
शिक्षक उत्सव का उद्देश्य और महत्व
पंजाब के शिक्षा मंत्री एस. हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक शिक्षण विधियों को तोड़कर शिक्षाशास्त्र और नवाचार को एकीकृत करना है। उन्होंने कहा, “शिक्षक राष्ट्र के भविष्य के निर्माता हैं और हम उन्हें आधुनिक तकनीक और नवाचार के माध्यम से बच्चों के लिए उत्कृष्ट शिक्षा देने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।”
नवाचार और तकनीकी प्रदर्शन
इस उत्सव में शिक्षकों ने शिक्षण ऐप्स, आईटी टूल्स, एकांकी नाटक, सूक्ष्म-शिक्षण तकनीक, प्रश्नोत्तरी, पहेलियाँ, विशेष शिक्षण किट, फ्लैशकार्ड, हस्तनिर्मित मॉडल और वीडियो गेम जैसी विभिन्न विधियों का प्रदर्शन किया। यह इवेंट शिक्षक समुदाय की रचनात्मकता, तकनीकी दक्षता और शिक्षाशास्त्र में नवाचार का जश्न था।
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प्रतियोगिता और सम्मान
राज्य स्तर की प्रतियोगिता में ब्लॉक स्तर के 8,000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रत्येक ब्लॉक से शीर्ष प्रतिभागियों ने जिला स्तर पर प्रदर्शन किया और सर्वश्रेष्ठ 270 प्रतिभागियों ने राज्य स्तरीय फाइनल में हिस्सा लिया। विजेताओं को प्रमाण पत्र, ट्रॉफी और विशेष संकलन के माध्यम से सम्मानित किया गया।
सामुदायिक सहभागिता
इस आयोजन में बाबा बंदा सिंह बहादुर इंजीनियरिंग कॉलेज, श्री गुरु ग्रंथ साहिब विश्वविद्यालय और आसपास के विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भी भाग लिया। इसने शिक्षा के क्षेत्र में सामुदायिक सहभागिता और सहयोग को बढ़ावा दिया।