हरियाणा सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 2.39 करोड़ रुपये के चिकित्सा उपकरणों की खरीद की मंजूरी, नवजात शिशु और नेत्र देखभाल में सुधार।
हरियाणा सरकार ने राज्य के सरकारी अस्पतालों और नवजात शिशु देखभाल इकाइयों की स्वास्थ्य सेवा क्षमताओं को बढ़ाने के लिए 2.39 करोड़ रुपये के चिकित्सा उपकरणों की खरीद की मंजूरी दी है। इस खरीद में 25 स्लिट लैंप, 140 रेडिएंट वार्मर, 60 एलईडी फोटोथेरेपी यूनिट और 1,575 प्लास्टिक मोल्डेड पैलेट शामिल हैं। इन उपकरणों से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निदान, उपचार और भंडारण सुविधाओं में सुधार होगा।
यह निर्णय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित विशेष स्थायी खरीद समिति (उच्च) की बैठक में लिया गया। उपकरणों की आपूर्ति दो साल के दर अनुबंध के तहत की जाएगी, जिसमें रखरखाव सहायता भी शामिल होगी, ताकि इनका निर्बाध संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
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डॉ. मिश्रा के अनुसार, सिविल अस्पतालों में नेत्र रोग विभागों के लिए लगभग 74 लाख रुपये की लागत से 25 स्लिट लैंप लगाए जाएंगे, जिससे दृष्टि संबंधी विकारों का जल्दी पता लगाने और उपचार करने में मदद मिलेगी। नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए लगभग 82 लाख रुपये की लागत से 140 रेडिएंट वार्मर लगाए जाएंगे, जो जन्म के तुरंत बाद शरीर का तापमान बनाए रखने में मदद करेंगे और जटिलताओं के जोखिम को कम करेंगे। इसके अतिरिक्त, नवजात शिशुओं में पीलिया के उपचार के लिए 60 एलईडी फोटोथेरेपी यूनिट लगाई जाएंगी, जिनकी लागत लगभग 32 लाख रुपये है।
सरकारी अस्पतालों और एचएमएससीएल गोदामों के लिए रसद और भंडारण क्षमता को बेहतर बनाने के लिए 51 लाख रुपये मूल्य के 1,575 प्लास्टिक मोल्डेड पैलेट उपलब्ध कराए जाएंगे। यह इन्वेंट्री प्रबंधन को मजबूत करेगा और दवाओं तथा चिकित्सा सामग्री के सुरक्षित भंडारण को सुनिश्चित करेगा।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि इस पहल से हरियाणा के सार्वजनिक स्वास्थ्य नेटवर्क में सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच में सुधार होगा, जिससे मरीजों, विशेषकर नवजात शिशुओं और नेत्र देखभाल सेवाओं की आवश्यकता वाले लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।