हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हिसार में बजट पूर्व परामर्श में कहा कि बजट 2026-27 में 28 लाख हरियाणावासियों की आकांक्षाओं और सुझावों को शामिल किया जाएगा, ग्रामीण और शहरी विकास, किसान और श्रमिक कल्याण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य का आगामी बजट केवल सरकारी आंकड़ों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें राज्य के 28 लाख नागरिकों की उम्मीदों, जरूरतों और सुझावों को प्रतिबिंबित किया जाएगा। गुरुवार को मुख्यमंत्री हिसार स्थित गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के सभागार में पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बजट पूर्व परामर्श कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि जनभागीदारी हरियाणा सरकार की प्राथमिकता है। पंचायत प्रतिनिधियों, नगर निकाय सदस्यों और आम नागरिकों को अगले दस दिनों तक विभिन्न माध्यमों के माध्यम से, विशेषकर सरकारी चैटबॉट के जरिए सुझाव प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा, जिन्हें बजट 2026-27 में शामिल किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि यह प्रयास प्रधानमंत्री के 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में जन प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी को साकार करने का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा, “गांव लोकतंत्र की नींव हैं और सरपंच उसकी पहली आवाज। ग्रामीण क्षेत्रों का संतुलित विकास तभी संभव है जब गांव और शहर दोनों प्रगति करें।” उन्होंने बजट 2025-26 में पंचायती राज और ग्रामीण विकास के लिए 7,616.52 करोड़ रुपये का प्रावधान होने की जानकारी दी, जिसमें से 2,808.72 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इस बजट के तहत ग्रामीण इलाकों में ग्राम पगडंडियों का निर्माण, महिला चौपालों की स्थापना, ई-पुस्तकालय, इनडोर जिम, अमृत सरोवर और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसी कल्याणकारी योजनाएं लागू की गई हैं।
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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शहरी विकास की अहमियत पर भी जोर दिया और कहा कि शहर किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था का इंजन होते हैं। उन्होंने बताया कि बजट 2025-26 में शहरी निकायों के लिए 5,666.28 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया, जिसमें संपत्ति कर, विकास कर और कचरा शुल्क जैसे प्रावधान न्यूनतम और व्यावहारिक दरों पर लागू किए गए। जल निकासी समस्याओं के समाधान के लिए 100 करोड़ रुपये का विशेष कोष बनाया गया और सीवरेज, सड़क सफाई व अन्य नगरपालिका सेवाओं के लिए आधुनिक मशीनरी उपलब्ध कराई गई।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक में आए सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना और आश्वासन दिया कि सभी व्यावहारिक और जमीनी स्तर के सुझाव बजट 2026-27 में शामिल किए जाएंगे। उन्होंने प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि अगले 8-10 दिनों के भीतर अपने सुझाव चैटबॉट के माध्यम से साझा करें।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीबी जी राम जी अधिनियम का भी उल्लेख किया और बताया कि श्रमिकों के कल्याण के लिए पहले 100 दिनों का रोजगार प्रदान किया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर 125 दिनों के वेतन की कानूनी गारंटी दी गई है, जिससे लाभार्थियों को अधिक रोजगार और स्थिरता मिलेगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार का लक्ष्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के संतुलित विकास, किसानों और श्रमिकों के कल्याण और राज्य की समग्र प्रगति सुनिश्चित करना है।