स्थानीय स्वराज चुनाव में AAP का जोरदार प्रचार, विधायक गोपाल इटालिया की विजय विश्वास सभाओं को भारी प्रतिसाद
आम आदमी पार्टी स्थानीय स्वराज चुनाव में पूरा दम लगाकर आगे बढ़ रही है और पूरे गुजरात में जगह-जगह जनसभाएं, मोहल्ला सभाएं, खाटला बैठकों, डोर-टू-डोर अभियान जैसे कार्यक्रम कर रही है। वर्तमान में स्थानीय स्वराज चुनाव को ध्यान में रखते हुए आम आदमी पार्टी द्वारा अनेक विजय विश्वास सभाओं का आयोजन किया गया है। इसी क्रम में 16 अप्रैल को विसावदर विधानसभा के विधायक गोपाल इटालिया ने कई विजय विश्वास सभाओं में उपस्थिति दर्ज कराई। जूनागढ़ जिले के मेंदरडा तालुका के आंकोलवाड़ी, बोरवाव, लोधवा, अलीदार, सनवाव, वडवियाला और सणखड़ा गांव में विधायक गोपाल इटालिया ने विजय विश्वास सभाओं को संबोधित किया और आम आदमी पार्टी के लिए वोट मांगे। इस कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी, स्थानीय पदाधिकारी, बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, उम्मीदवार और विशाल संख्या में आम लोग उपस्थित रहे। सभी स्थानों पर लोगों ने आम आदमी पार्टी का जोरदार स्वागत किया और आगामी चुनाव में झाड़ू के बटन को दबाने के लिए अपनी तैयारी दिखाई। इससे स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है कि आगामी चुनावों में आम आदमी पार्टी जनता का साथ पाकर गुजरात में नया इतिहास लिखेगी।
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विजय विश्वास सभा को संबोधित करते हुए विधायक गोपाल इटालिया ने कहा कि यदि सच्ची इच्छाशक्ति हो तो मुख्यमंत्री इकोज़ोन जैसे प्रश्नों का समाधान ला सकते हैं। मैंने मुख्यमंत्री से मिलकर लिखित में प्रस्तुत किया था कि असम राज्य में इकोज़ोन हटाए गए हैं। असम में भी भाजपा की सरकार है और केंद्र में भी भाजपा की सरकार है, तो गुजरात में क्यों नहीं? अप्रैल 2025 में असम सरकार ने कैबिनेट में प्रस्ताव पारित करके इकोज़ोन हटाया और केंद्र सरकार ने भी उसे मंजूरी दी थी। तो गुजरात में किसानों को प्रभावित करने वाली इकोज़ोन की समस्या क्यों दूर नहीं की जाती? यहां की भाजपा कहती है नहीं हटेगा, यदि इकोज़ोन नहीं हटेगा तो आपको हटाना पड़ेगा, तय कीजिए आपको क्या करना है? मैं विधायक के रूप में मुख्यमंत्री से मिलने गया था, तब मैंने चार-पांच मुद्दों के साथ लिखित प्रस्तुति दी थी। लेकिन आज तक कोई उचित जवाब नहीं मिला है। सरकार द्वारा अलग-अलग तारीखों पर अलग-अलग जवाब दिए गए हैं, लेकिन स्पष्टता नहीं है। किसानों के प्रश्नों को लेकर कृषि मंत्री के साथ भी बार-बार चर्चा की है। लेकिन किसानों को न्याय नहीं मिल रहा। सरकार की ओर से ऐसा जवाब मिलता है कि यदि लोग दुखी हैं तो सरकार को वोट क्यों देते हैं? ऐसा जवाब बहुत दुखद है। किसानों के प्रश्नों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। गांवों में किसान कठिनाइयों में हैं, लेकिन कागज़ों पर सब कुछ अच्छा दिखाया जाता है। गांवों के लोगों की वास्तविक स्थिति सरकार तक नहीं पहुंचती। कागज़ पर विकास दिखाया जाता है, लेकिन जमीन पर किसान परेशान हैं। विशेष रूप से गिर और आसपास के क्षेत्रों में जंगली जानवरों के कारण किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। सरकार कहती है कि लोग सुखी हैं, लेकिन वास्तविकता में लोग कठिनाइयों में हैं। यदि सच में दुख है, तो लोगों को एकजुट होकर अपनी आवाज उठाने की आवश्यकता है। एक बार यदि लोग एकता दिखाएंगे तो गांधीनगर में बैठे नेताओं को भी समझ आएगा कि वास्तविक स्थिति क्या है। चुनाव के समय केवल आंकड़े देखकर विकास का दावा किया जाता है, लेकिन लोगों की वास्तविक समस्याओं को अनदेखा किया जाता है। एक बार झाड़ू का बटन दबाकर सब साफ करने का समय आ गया है और यदि आप दुखी हैं तो अपनी आवाज उठाइए और सरकार तक अपनी भावना पहुंचाइए।