दिल्ली नगर निगम (MCD) में मेयर चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। प्रशासनिक स्तर से चुनाव कराने की मंजूरी मिल चुकी है और नामांकन प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है। तय कार्यक्रम के अनुसार 29 अप्रैल को मेयर, डिप्टी मेयर और स्टैंडिंग कमिटी के सदस्यों का चुनाव संपन्न कराया जाएगा।
29 अप्रैल को होगा अहम चुनाव
सूत्रों के अनुसार नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 29 अप्रैल को मेयर पद के लिए मतदान कराया जाएगा। इसी दिन डिप्टी मेयर और स्टैंडिंग कमिटी के खाली पदों पर भी चुनाव होगा, जिससे नगर निगम की नई कार्यप्रणाली की तस्वीर साफ हो जाएगी।
बीजेपी की मजबूत चुनावी स्थिति
इस बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) पूरे दमखम के साथ चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। मौजूदा आंकड़ों के आधार पर बीजेपी के पास पर्याप्त समर्थन मौजूद है, जिससे उसे मेयर पद के लिए स्पष्ट बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। अनुमान है कि पार्टी को सहयोगी दलों पर ज्यादा निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
also read: ED छापेमारी पर AAP-BJP टकराव तेज: केजरीवाल ने केंद्र पर साधा निशाना, पूछा– “क्या एक रुपया भी मिला?”
बदलते समीकरणों से बढ़ी सियासी हलचल
इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी भले ही बीजेपी के साथ खड़ी नजर आ रही हो, लेकिन मौजूदा समीकरणों में बीजेपी अपने दम पर भी बहुमत हासिल करने की स्थिति में है।
हाल ही में स्टैंडिंग कमिटी के 18 में से 9 सदस्य रिटायर हो चुके हैं, जिससे कई पद खाली हो गए हैं। इन रिक्तियों को भरने के लिए भी चुनाव कराया जाएगा।
सभी वर्गों के लिए खुला मेयर पद
MCD नियमों के अनुसार चौथे और पांचवें वर्ष का मेयर कार्यकाल सामान्य श्रेणी के लिए होता है। ऐसे में इस बार महिला, पुरुष या अनुसूचित जाति वर्ग से कोई भी उम्मीदवार मेयर पद के लिए चुना जा सकता है।
बड़ा चुनावी गणित
मेयर चुनाव में केवल पार्षद ही नहीं बल्कि विधायक और सांसद भी मतदान करते हैं। वर्तमान समीकरण के अनुसार:
- बीजेपी: 123 पार्षद
- आम आदमी पार्टी: 100 पार्षद
- इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी: 16 पार्षद
- कांग्रेस: 9 पार्षद
इसके अलावा बीजेपी के 11 विधायक, AAP के 2 विधायक और लोकसभा के 7 सांसद भी मतदान में हिस्सा लेंगे। इन आंकड़ों के आधार पर बीजेपी को लगभग 141 वोट मिलने का अनुमान है, जिससे उसे निर्णायक बढ़त मिल सकती है।