दिल्ली MCD बजट 2025: नागरिकों पर कोई नया टैक्स नहीं, हेल्थ, एजुकेशन और स्वच्छता पर जोर, लाइसेंसिंग सिस्टम में बड़ा सुधार और सड़क मरम्मत का तेज़ी से काम।
MCD बजट 2025: दिल्ली नगर निगम (MCD) ने वित्त वर्ष 2025-26 का नया बजट पेश कर दिया है। सबसे राहत वाली बात यह है कि दिल्लीवासियों पर इस बजट में कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है। आयुक्त अश्वनी कुमार ने कहा कि निगम का मुख्य फोकस नागरिकों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करना, पारदर्शिता बढ़ाना और Ease of Doing Business को आसान बनाना है।
बजट के प्रमुख आंकड़े
संशोधित बजट अनुमान (RBE) के मुताबिक, 2025-26 में MCD की कुल आय 15,679.72 करोड़ रुपये और व्यय 16,296.19 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। वहीं, 2026-27 में आय 15,664.07 करोड़ रुपये और खर्च 16,530.50 करोड़ रुपये तक रहने की उम्मीद है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बजट में न तो कोई नया टैक्स जोड़ा गया है और न ही पुराने टैक्स में बढ़ोतरी। निगम की प्राथमिकता केवल बेहतर सिस्टम के माध्यम से टैक्स कलेक्शन बढ़ाना है। SUNIYO प्रॉपर्टी टैक्स योजना अब तक 600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वसूली कर चुकी है, जिससे निगम के खजाने को मजबूती मिली है।
स्वच्छता, शिक्षा और स्वास्थ्य पर जोर
एमसीडी ने इस बजट में स्वच्छता और पर्यावरण प्रबंधन को सबसे अधिक प्राथमिकता दी है। कुल बजट का 29% यानी करीब 4,795 करोड़ रुपये सफाई और कचरा प्रबंधन पर खर्च किया जाएगा। शिक्षा को 15% और स्वास्थ्य को 12% का आवंटन दिया गया है।
also read: दिल्ली सरकार का बड़ा कदम: राजधानी की सड़कों पर लगाया…
शहर में कचरा प्रबंधन को और बेहतर बनाने के लिए नए डिस्पोजल सेंटर बनाने की योजना है। प्रदूषण और धूल को कम करने के लिए 60 मैकेनिकल रोड स्वीपर और 60 बैटरी चालित लिटर पिकर खरीदे जाएंगे।
सड़कों की मरम्मत में तेजी
आयुक्त ने बताया कि दिल्ली सरकार से प्राप्त फंड की मदद से सड़क निर्माण और मरम्मत का काम तेजी से हो रहा है। अब तक लगभग 250 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत पूरी हो चुकी है और मार्च तक यह आंकड़ा 600 किलोमीटर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इससे नागरिकों को रोजमर्रा की यात्रा में राहत मिलेगी।
लाइसेंसिंग सिस्टम में बड़ा सुधार
व्यवसायियों के लिए MCD ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब फैक्ट्री लाइसेंस और जनरल ट्रेड लाइसेंस की प्रक्रिया प्रॉपर्टी टैक्स सिस्टम से जुड़ गई है। इससे दस्तावेज अपलोड करने या बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं रहेगी। प्रॉपर्टी टैक्स जमा करते ही लाइसेंस अपने आप डाउनलोड हो जाएगा।
जल्द ही हेल्थ ट्रेड लाइसेंस को भी इस सिस्टम में जोड़ा जाएगा। इसके अलावा शहर में 20 नई मल्टी-लेवल पार्किंग बनाने का प्रस्ताव है, ताकि बाजार क्षेत्रों में पार्किंग की समस्या कम हो सके।
कर्मचारियों के वेतन और पेंशन का समय पर भुगतान
वित्तीय चुनौतियों के बावजूद MCD कर्मचारियों का वेतन और पेंशन समय पर जारी किया जा रहा है। बकाया देनदारियों का भुगतान चरणबद्ध तरीके से हो रहा है, ताकि नागरिक सेवाओं पर कोई असर न पड़े।
आयुक्त अश्वनी कुमार ने भरोसा दिलाया कि निगम वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए नागरिकों को बेहतर सेवाएं देने की प्रतिबद्धता पर कायम रहेगा।