प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण कानून पर विपक्ष से राजनीतिकरण न करने की अपील की। उन्होंने परिसीमन को लेकर सभी राज्यों के साथ न्याय का आश्वासन दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण कानून को लेकर विपक्ष से आग्रह किया है कि इसे राजनीतिक विवाद का विषय न बनाया जाए। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण विधेयक को देशहित में देखा जाना चाहिए, न कि राजनीतिक दृष्टिकोण से।
विधेयकों पर चर्चा के दौरान पीएम का हस्तक्षेप
लोकसभा में महिला आरक्षण कानून से जुड़े संशोधन और परिसीमन आयोग की स्थापना पर पेश किए गए विधेयकों पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा कि यदि सभी दल इस विधेयक का समर्थन करते हैं, तो यह किसी एक पार्टी का नहीं बल्कि पूरे देश का निर्णय होगा।
विपक्ष को दी चेतावनी और ऐतिहासिक संदर्भ
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इतिहास में जिन्होंने महिला आरक्षण का विरोध किया था, उन्हें जनता ने चुनावों में करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर देश की जनता बेहद संवेदनशील है।
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परिसीमन को लेकर दिया आश्वासन
परिसीमन को लेकर उठ रही आशंकाओं को दूर करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पूर्व से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक किसी भी राज्य के साथ अन्याय नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी राज्यों को समान रूप से देखा जाएगा।
महिला आरक्षण पर संसद में समर्थन
लोकसभा में पेश किए गए संवैधानिक (131वां संशोधन) विधेयक पर बहस के बाद मतदान हुआ, जिसमें 251 सदस्यों ने समर्थन और 185 सदस्यों ने विरोध में वोट किया। इसके साथ ही दो अन्य विधेयक भी पेश किए गए, जिनका उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेशों में महिला आरक्षण लागू करना है।
महिलाओं की भागीदारी पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भारत के विकास यात्रा में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे इस निर्णय को राष्ट्रीय हित में देखें।