दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरु तेग बहादुर को 350वें शहीदी वर्ष पर दिल्ली विधानसभा में श्रद्धांजलि दी। उनके बलिदान ने सच्चाई, साहस और मानवीय मूल्यों की प्रेरणा दी।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली विधानसभा में 9वें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर का बलिदान केवल किसी एक समुदाय का नहीं, बल्कि साहस, सत्य और मानवीय मूल्यों का शाश्वत उदाहरण है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली सरकार ने उनके 350वें शहीदी वर्ष के अवसर पर लाल किले पर भव्य समागम आयोजित किया, जो इतिहास को वर्तमान पीढ़ी से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास था। इस दौरान सुरक्षा इंतजाम और शिक्षा मंत्री आशीष सूद के प्रयासों की भी उन्होंने सराहना की।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि गुरु तेग बहादुर का जीवन और उनका त्याग सिर्फ सिख धर्म तक सीमित नहीं है। उनका व्यक्तित्व भारत की साझा संस्कृति, धर्मनिष्ठा और मानवीय मूल्यों का प्रतीक है। उन्होंने बलिदान देकर धर्म और समाज की रक्षा की, जो आज भी नागरिकों को सत्य और मानवता की प्रेरणा देता है।
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समागम में सत्तापक्ष और विपक्ष के कई सदस्य उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि दिल्ली सरकार ने गुरुओं से संबंधित स्कूलों में पांच लाख पुस्तकें वितरित कीं, ताकि उनकी गाथा आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि लाल किले पर आयोजित तीन दिवसीय समागम में हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे और लंगर के माध्यम से सेवा और समानता की भावना का जीवंत उदाहरण देखने को मिला।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी हमेशा विकास और विरासत दोनों पर ध्यान देते हैं, और दिल्ली सरकार भी इसी दृष्टिकोण के तहत कार्य कर रही है। कला और संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा ने भी इस महत्वपूर्ण विषय पर अपने विचार साझा किए।
इसके अलावा, चर्चा के दौरान विपक्षी नेता आतिशी द्वारा व्यवधान उत्पन्न करने के प्रयास को लेकर भी हलचल रही। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह गुरुओं के बलिदान का अपमान है, जबकि आप पार्टी ने इसे निराधार आरोप बताया।