पंजाब के जेल मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने आज केंद्रीय जेल गोइंदवाल साहिब में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) का उद्घाटन किया। यह पहल पंजाब सरकार की “शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से पुनर्वास” नीति के अंतर्गत कैदियों को मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य की 11 जेलों—जिसमें 9 केंद्रीय जेल और 2 महिला जेल शामिल हैं—में ITI केंद्र शुरू किए गए हैं।
कैदियों को मिलेगा व्यावसायिक प्रशिक्षण
जेल मंत्री ने बताया कि इस कौशल विकास मिशन के अंतर्गत लगभग 2500 कैदी प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। इनमें से 1000 कैदी लंबे अवधि के कोर्स, जबकि 1500 कैदी अल्पकालिक व्यावसायिक कोर्स करेंगे। ITI केंद्रों में प्लंबिंग, इलेक्ट्रिशियन, वेल्डिंग, बेकिंग, लकड़ी का काम, कंप्यूटर तकनीक, कॉस्मेटोलॉजी और अन्य ट्रेड में एक साल तक के प्रमाणित कोर्स कराए जाएंगे।
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रिहाई के बाद बेहतर जीवन की तैयारी
लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि यह पहल केवल दंड नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास को प्राथमिकता देती है। यह प्रशिक्षण कैदियों को रिहाई के बाद आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जीने में सहायता करेगा और पुनः अपराध दर को कम करने में भी मदद करेगा।
जेलें बनेंगी परिवर्तन केंद्र
मंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब सरकार जेलों को दंड केंद्र के बजाय परिवर्तन और सामाजिक पुनःएकीकरण केंद्र के रूप में विकसित करना चाहती है। यह पहल इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो यह सुनिश्चित करेगी कि कैदियों को शिक्षा और कौशल के माध्यम से समाज में दोबारा जोड़ने का उचित अवसर मिले।