क्या है पूरा मामला?
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि लक्ष्य सेन और उनके भाईयों की उम्र में हेराफेरी की गई, ताकि वे 2010 से जूनियर बैडमिंटन टूर्नामेंट में हिस्सा ले सकें। दावा किया गया है कि जन्म प्रमाण पत्र में करीब ढाई साल की कमी कर उन्हें पात्र बनाया गया। युवा मामलों के मंत्रालय की जांच में उनके पिता को रिकॉर्ड में हेरफेर करने का दोषी पाया गया है। अब हाईकोर्ट के निर्देश के बाद इस मामले की जांच का परिणाम क्या होगा, यह देखने वाली बात होगी।
Lakshya Sen का बैडमिंटन करियर
23 वर्षीय लक्ष्य सेन देश के शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ियों में शामिल हैं। उनके कोच विमल कुमार और प्रकाश पादुकोण हैं। Lakshya Sen ने अपने शानदार प्रदर्शन से भारत को कई प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में पदक दिलाए हैं। उन्होंने 2022 के कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण और रजत पदक अपने नाम किया था। इसके अलावा, थॉमस कप में भी वे स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। एशियन गेम्स में उन्होंने रजत पदक हासिल किया, जबकि यूथ ओलंपिक में भी स्वर्ण पदक जीतने का गौरव प्राप्त किया है।