पंजाब विधानसभा ने सर्वसम्मति से केंद्र सरकार की विदेश नीति की विफलता और ऊर्जा संकट पर प्रस्ताव पारित किया। मंत्री लाल चंद कटारुचक और हरजोत सिंह बैंस ने एलपीजी व तेल की कमी और देश की ऊर्जा सुरक्षा पर चिंता जताई।
पंजाब विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें केंद्र सरकार की विदेश नीति की विफलता और इसके कारण भारत में उत्पन्न ऊर्जा संकट को उजागर किया गया। यह प्रस्ताव खाद्य, नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता मामले, वन और वन्यजीव संरक्षण मंत्री लाल चंद कटारुचक ने पेश किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की त्रुटिपूर्ण विदेश नीति ने देश में एलपीजी और तेल की कमी जैसी गंभीर समस्याएं पैदा की हैं।
मंत्री कटारुचक ने बताया कि ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य अवरुद्ध हो गया है, जिससे भारत में ऊर्जा आपूर्ति बाधित हुई और आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों का स्मरण करते हुए कहा कि जिस संप्रभुता के लिए उन्होंने संघर्ष किया, उसे वर्तमान केंद्र सरकार की गलत नीतियों ने कमजोर किया है।
also read: गगनदीप सिंह काकू अहलूवालिया बने पंजाब खादी बोर्ड के…
शिक्षा, सूचना और जनसंपर्क मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने भी केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनयिक अलगाव में है और उसका कोई स्थायी मित्र नहीं बचा है। बैंस ने चेतावनी दी कि रूस और ईरान में भारत के तेल क्षेत्र में किए गए निवेश अब गंभीर अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि युद्ध और ऊर्जा संकट का असर देश की सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ रहा है, जिससे कई सामाजिक कार्यक्रम रद्द किए गए हैं और आम जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इस प्रस्ताव का समर्थन विधानसभा के कई अन्य सदस्यों ने भी किया, जिनमें कैबिनेट मंत्री तरूणप्रीत सिंह सोंड, हरदीप सिंह मुंडियन, और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल, गुरिंदर सिंह गैरी वारिंग, विजय सिंगला समेत अन्य प्रमुख सदस्य शामिल थे।
पंजाब विधानसभा ने इस प्रस्ताव के माध्यम से केंद्र सरकार से ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और विदेश नीति में सुधार करने की मांग की है, ताकि देशवासियों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में किसी प्रकार की असुविधा न हो।