हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मानेसर में आयोजित बजट पूर्व परामर्श कार्यक्रम के दौरान स्टार्टअप संस्थापकों और उद्यमियों से बातचीत करते हुए कहा कि युवा नवप्रवर्तक और स्टार्टअप राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार स्टार्टअप्स को मजबूत वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 16 जनवरी को मनाए गए राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस का आज का कार्यक्रम विस्तार है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण का जिक्र करते हुए कहा कि स्टार्टअप इंडिया केवल योजना नहीं बल्कि एक व्यापक दृष्टिकोण है, जो विभिन्न क्षेत्रों को नई संभावनाओं से जोड़ता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप छोटे विचारों से शुरू होकर सही समर्थन मिलने पर विशाल व्यावसायिक अवसर पैदा कर सकते हैं।
वित्तीय सहायता और तकनीकी सहयोग
सैनी ने बताया कि स्टार्टअप संस्थापकों द्वारा दिए गए सुझावों का स्वागत किया गया और उन्हें व्यापार सुगमता, वित्तपोषण और तकनीकी सहायता जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में देश में स्टार्टअप्स की संख्या 500 से बढ़कर 2 लाख से अधिक हो गई है। हरियाणा में अब लगभग 9,500 स्टार्टअप्स हैं और राज्य ने 19 यूनिकॉर्न कंपनियां उभरने में अग्रणी भूमिका निभाई है।
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हरियाणा एआई मिशन और अनुसंधान कोष
मुख्यमंत्री ने बताया कि भविष्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का है। इसी दृष्टिकोण से हरियाणा सरकार ने हरियाणा एआई मिशन की स्थापना की योजना बनाई है, जिसके लिए विश्व बैंक से 474 करोड़ रुपये की सहायता प्राप्त हुई है। इस मिशन के तहत गुरुग्राम और पंचकुला में AI हब स्थापित किए जाएंगे, जहां 50,000 युवाओं को नई तकनीकों का प्रशिक्षण मिलेगा।
उन्होंने आगे कहा कि हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष की स्थापना 20 करोड़ रुपये की प्रारंभिक राशि के साथ की गई है। इसके अलावा 2,000 करोड़ रुपये का फंड ऑफ फंड्स भी तैयार किया गया है।
स्टार्टअप्स के लिए वित्तीय प्रोत्साहन और उद्यमिता प्रतियोगिताएं
सैनी ने बताया कि एचएसआईआईडीसी के माध्यम से प्रत्येक स्टार्टअप को 10 लाख रुपये तक वित्तीय सहायता दी जाएगी। ‘मुख्यमंत्री कौशल सम्मान योजना’ के तहत राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहित किया जाएगा। 22 स्टार्टअप्स को हाल ही में 1.14 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप संस्कृति अब बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगी। शैक्षणिक सत्र 2025-26 से प्रत्येक जिले में उद्यमिता प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। चयनित टीमों को 1 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी ताकि उनके विचारों को व्यावसायिक मॉडल में बदला जा सके।
मानेसर में इनक्यूबेशन सेंटर और औद्योगिक क्षेत्र
मानेसर को हरियाणा का औद्योगिक केंद्र मानते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एचएसआईआईडीसी के सभी औद्योगिक क्षेत्रों में इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे, ताकि स्टार्टअप्स को किफायती दरों पर कार्यस्थल उपलब्ध कराया जा सके। इसके लिए तीन आईएमटी क्षेत्रों में भूमि का चयन कर लिया गया है।
हरियाणा सरकार की यह पहल राज्य में स्टार्टअप और नवाचार संस्कृति को मजबूत करने और युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।