राजस्थान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बजट 2026-27 में युवाओं के लिए रोजगार, स्वरोजगार और स्टार्टअप के अवसर दिए। लोन, कौशल और शिक्षा को बढ़ावा।
राजस्थान सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट विधानसभा में पेश किया, जिसमें विशेष रूप से युवाओं, कौशल विकास और रोजगार सृजन पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बताया कि यह बजट समावेशी और विकासोन्मुख है, जिसका उद्देश्य युवाओं को सशक्त बनाना और उन्हें स्वरोजगार और स्टार्टअप की ओर प्रेरित करना है।
युवाओं को लोन और स्वरोजगार के अवसर
बजट में एक महत्वपूर्ण घोषणा यह की गई कि लगभग 1 लाख युवा रोजगार प्राप्त करने या स्वरोजगार/स्टार्टअप शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये तक का लोन ले सकते हैं। इससे युवा अपने व्यवसाय को बढ़ावा दे सकेंगे और अपनी कौशल क्षमता का उपयोग करके आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
सरकारी नौकरियों और भर्ती की तैयारी
सरकार ने संकेत दिया है कि सरकारी क्षेत्र में भर्तियों को बढ़ावा मिलेगा। बजट में बताया गया कि युवाओं को 1.25 लाख तक सरकारी भर्ती परीक्षाओं की तैयारी के अवसर प्रदान किए जाएंगे, जिससे बेरोजगार युवाओं को स्थिर और सम्मानजनक रोजगार मिल सके।
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छात्रों और शिक्षा में समर्थन
बजट में छात्रों के लिए भी महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। कक्षा 8, 10 और 12 के चयनित छात्रों को ई-वाउचर दिए जाएंगे, जिनसे वे डिजिटल उपकरण जैसे टैबलेट या लैपटॉप खरीद सकेंगे। इससे उनकी पढ़ाई में मदद मिलेगी और युवा तकनीकी रूप से सक्षम बनेंगे।
कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा
राजस्थान सरकार ने कौशल और व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत करने के लिए बजट में कई योजनाओं का प्रावधान किया है। प्रत्येक जिले में व्यावसायिक शिक्षा केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे युवा तकनीकी दक्षता प्राप्त कर सकेंगे और बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त करेंगे।
स्टार्टअप और निवेश के अवसर
युवा उद्यमियों और स्टार्टअप्स को भी बजट में बढ़ावा दिया गया है। प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने के लिए फंडिंग, मेंटरशिप और निवेश कार्यक्रम उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे युवा अपने स्टार्टअप को राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर ले जा सकेंगे।
बजट का व्यापक लक्ष्य
राजस्थान बजट 2026-27 का मुख्य उद्देश्य युवाओं का सशक्तिकरण है। लोन, कौशल केंद्र, शिक्षा प्रोत्साहन और स्टार्टअप फंडिंग जैसे उपाय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाएंगे और उन्हें घरेलू एवं वैश्विक रोजगार प्रतिस्पर्धा में आगे ले जाएंगे।

