उत्तर प्रदेश के CM Yogi Adityanath ने गोरखपुर में श्री परमहंस योगानंद जी की जन्मस्थली के पर्यटन विकास के लिए 27.68 करोड़ रुपये की परियोजना का शिलान्यास और भूमिपूजन किया। उन्होंने विकास कार्यों की योजना का अवलोकन किया और संबंधित जानकारी प्राप्त की।
CM Yogi Adityanath ने कहा कि गोरखपुर के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व को पुनःस्थापित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि 5 जनवरी 1893 को एक बंगाली परिवार में जन्मे मुकुन्द लाल घोष, जो बाद में परमहंस योगानंद कहलाए, ने अपने जीवन के आरंभिक आठ वर्ष गोरखपुर में बिताए थे। उनका गोरखनाथ संप्रदाय से भी आध्यात्मिक जुड़ाव रहा।
परमहंस योगानंद ने “योगदा सत्संग सोसाइटी” और “सेल्फ रियलाइजेशन फेलोशिप” के माध्यम से क्रियायोग और भारतीय अध्यात्म को विश्वभर में फैलाया। CM Yogi Adityanath ने कहा कि यह जन्मस्थल केवल स्मृति स्थल नहीं, बल्कि एक मुक्ति स्थल है, जहां से पूरी दुनिया के लिए अध्यात्म की ज्योति प्रसारित हुई।
उन्होंने भारत की ऋषि परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे संतों और योगियों ने ब्रह्मांड के रहस्यों को उजागर किया और मानवता को दिशा दी। उदाहरण के तौर पर, महाभारत के युद्ध का संजय द्वारा धृतराष्ट्र को दिव्यदृष्टि से वर्णन, हमारे ऋषियों की सिद्धियों का प्रमाण है।
गोरखपुर की आध्यात्मिक विरासत को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि गोरखनाथ, गम्भीरनाथ और अन्य संतों की साधना ने इस भूमि को तपोभूमि बनाया है। बंगाल की परंपरा में भी रामकृष्ण परमहंस और स्वामी प्रणवानंद जैसे दिव्य संत हुए हैं। परमहंस योगानंद जी ने भारत की अध्यात्मिक धरोहर को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित किया।
CM Yogi Adityanath ने बताया कि योगानंद जी के अनुयायियों की लंबे समय से यह मांग रही थी कि गोरखपुर में उनका एक भव्य स्मारक बने। शासन की मदद से अब वहां एक भव्य योग मंदिर बनने जा रहा है, जिसे अगले डेढ़ साल में पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
CM Yogi Adityanath ने कहा कि जो समाज अपनी परंपरा और पूर्वजों का सम्मान नहीं करता, वह अंधकार की ओर चला जाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘विरासत संरक्षण’ के दृष्टिकोण की सराहना की और कहा कि यह मंदिर उसी भावना का प्रतिबिंब है।
गोरखपुर के विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर में सड़क चौड़ीकरण, बिजली तारों को भूमिगत करना, स्ट्रीट लाइटें, ऐतिहासिक स्थलों का सौंदर्यीकरण जैसे अनेक कार्य पूरे किए गए हैं। एम्स, फर्टिलाइजर प्लांट और रामगढ़ताल जैसे प्रोजेक्ट भी इसी विकास का हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा कि विकास तभी संभव है जब सुरक्षा का माहौल मजबूत हो। 2017 से पहले अपराधियों और माफियाओं का बोलबाला था, पर अब कानून का राज स्थापित है। महिलाओं, बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। सीसीटीवी कैमरे और प्रशासनिक सख्ती से अपराध पर लगाम लगी है।
CM Yogi Adityanath ने कहा कि लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण केंद्र का उद्घाटन भारत की सुरक्षा क्षमता को दर्शाता है। यह मिसाइल शत्रुओं को भयभीत करने वाली है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र सर्वोपरि की भावना से काम करने पर ही हम समृद्ध और सुरक्षित भारत का निर्माण कर सकते हैं।
इस अवसर पर योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया के महासचिव स्वामी ई. वरानन्द और सांसद रवि किशन शुक्ल ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति रही।