भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने मानसा जिले में वरिष्ठ नागरिक गृह ‘सत्कार घर’ का उद्घाटन कर बुजुर्गों की गरिमापूर्ण देखभाल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है। यह पहल सामाजिक सुरक्षा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विकसित की गई है, जिसका उद्देश्य ऐसे वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित, सम्मानजनक और सहायक आवासीय सुविधा प्रदान करना है, जिनके पास परिवार या सामाजिक सहारा नहीं है।
‘सत्कार घर’ योजना जिला स्तर पर बुजुर्गों की सुरक्षा, देखभाल और भावनात्मक कल्याण सुनिश्चित करने की दिशा में राज्य सरकार की व्यापक सामाजिक नीति को दर्शाती है। इस आवासीय व्यवस्था के माध्यम से सरकार ने उन वरिष्ठ नागरिकों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया है, जिन्हें संस्थागत और संरचित देखभाल की आवश्यकता होती है।
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मानसा में निर्मित यह आधुनिक वरिष्ठ नागरिक गृह लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है और यह 28 कनाल भूमि क्षेत्र में फैला हुआ है। इस सुविधा में कुल 72 वरिष्ठ नागरिकों के रहने की व्यवस्था की गई है। तीन मंजिला भवन को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि सभी मंजिलों पर समान सुविधाएं उपलब्ध हों। प्रत्येक मंजिल पर सात कमरे हैं, जिनमें एक मंजिल पर 24 बुजुर्गों के ठहरने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे सभी निवासियों को समान सुविधा और आराम मिल सके।
केंद्र के सुचारू संचालन और नियमित देखभाल के लिए 19 पदों को स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही, चौबीसों घंटे सहायता उपलब्ध कराने और दैनिक जरूरतों को समय पर पूरा करने के लिए संचालन व्यवस्था आउटसोर्स कर्मचारियों के माध्यम से की जा रही है, ताकि बुजुर्गों को हर समय आवश्यक सहयोग मिल सके।
मानसा में ‘सत्कार घर’ का उद्घाटन पंजाब सरकार की समावेशी और कल्याणकारी शासन प्रणाली को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य सरकार समाज के हर वर्ग, विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, के लिए गरिमा, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने वाले ढांचे को सुदृढ़ करने पर लगातार काम कर रही है। ‘सत्कार घर’ जैसी पहलें पंजाब में बुजुर्गों के लिए एक सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य की नींव रखती हैं।