जानें कुंभ संक्रांति 2026 कब है और इस दिन कौन से 5 काम भूलकर भी न करने चाहिए। कुंभ संक्रांति पर अशुभ प्रभाव से बचने के आसान उपाय।
कुंभ संक्रांति 2026: जब सूर्य मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश करता है, उस दिन को कुंभ संक्रांति कहा जाता है। इस साल यह पर्व 13 फरवरी 2026 को मनाया जाएगा। हिंदू धर्म में कुंभ संक्रांति का विशेष महत्व है और इस दिन कुछ कार्य शुभ माने जाते हैं, वहीं कुछ कामों से बचना चाहिए क्योंकि ये अशुभ प्रभाव डाल सकते हैं।
कुंभ संक्रांति 2026 पर न करें ये काम
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तामसिक भोजन का सेवन न करें: इस दिन मांस, शराब, प्याज और लहसुन का सेवन वर्जित है। ऐसा करने से दिनभर किए गए पुण्य कर्म प्रभावित होते हैं।
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नया कार्य या निवेश शुरू न करें: संक्रांति बदलाव का समय होता है। इस दौरान नया व्यवसाय, परियोजना या बड़ा निवेश शुरू करना शुभ नहीं माना जाता।
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अपशब्दों का प्रयोग न करें: इस दिन घर में झगड़ा, तकरार या किसी का अपमान करना अशुभ होता है। शांति बनाए रखना लाभदायक है।
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देर तक सोने से बचें: कुंभ संक्रांति के दिन देर तक सोना या जागना शुभ नहीं माना जाता। इससे सूर्य की कुंडली पर स्थिति कमजोर पड़ सकती है।
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स्नान से पहले भोजन न करें: इस दिन स्नान करने के बाद ही जलपान करना चाहिए। पवित्र नदी में स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।
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कुंभ संक्रांति के शुभ उपाय
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दान करें: गुड़, तिल, अनाज और कपड़े का दान करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है।
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सूर्य देव पूजा: तांबे के पात्र में जल अर्पित करते हुए ‘ओम सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप करें।
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गाय को हरा चारा या गुड़ खिलाएं।
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पवित्र नदी में स्नान करें – सुबह-सुबह स्नान करने से शुद्धि और पुण्य की प्राप्ति होती है।
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जरूरतमंदों और भिखारियों की मदद करना – इससे पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।
कुंभ संक्रांति का यह पर्व जीवन में शुभता, पुण्य और आध्यात्मिक शुद्धि लाता है। इन नियमों का पालन करके आप अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आशीर्वाद पा सकते हैं।