दिल्ली नगर निगम (MCD) में सियासी हलचल एक बार फिर तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि साउथ जोन के चेयरमैन पद के लिए 70 लाख रुपये की रिश्वत दी गई और एक महिला पार्षद के साथ अशोभनीय व्यवहार किया गया।
सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जब से भाजपा ने MCD पर नियंत्रण पाया है, तब से यह स्पष्ट हो गया है कि पार्टी इसे अपने कब्जे में लेने को लेकर इतनी व्याकुल क्यों थी। उन्होंने बताया कि भाजपा की ही एक महिला पार्षद ने साउथ जोन के चेयरमैन उमेद फोगाट पर अश्लील और आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया है। साथ ही आरोप लगाया कि चेयरमैन बनने के लिए उमेद फोगाट ने 70 लाख रुपये की रिश्वत दी थी।
AAP ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए CBI और ED से हस्तक्षेप करने की अपील की है और BJP नेताओं से जवाब तलब किया है।
पैराफ्रेज़ किया गया संस्करण:
आप नेता सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया है कि MCD में घूसखोरी और महिला पार्षद से बदसलूकी के मामले को जानबूझकर दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में 18 अप्रैल को मेयर राजा इकबाल को पत्र भेजकर सूचित किया गया था, लेकिन इसके बावजूद मेयर ने कार्रवाई के बजाय मामले को नजरअंदाज किया। भारद्वाज ने कहा कि यह न तो किसी परिवार का मसला है और न ही किसी पार्टी का आंतरिक मामला, बल्कि एक गंभीर आपराधिक मुद्दा है। उन्होंने मांग की कि मेयर और वे बीजेपी नेता भी जवाबदेह ठहराए जाएं जो इस मामले को दबाने में शामिल हैं।
70 लाख की रिश्वत किसे मिली, यह स्पष्ट हो: AAP
सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और मेयर राजा इकबाल से यह सवाल उठाया कि आखिर 70 लाख रुपये की रिश्वत किसे और किस मकसद से दी गई? उन्होंने कहा कि चेयरमैन का पद एक संवैधानिक जिम्मेदारी है, और इसके लिए घूस देना मनी लॉन्ड्रिंग की श्रेणी में आता है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच CBI और ED जैसी एजेंसियों को सौंपी जाए ताकि यह साफ हो सके कि इतनी बड़ी राशि कहां से आई और किसके पास पहुंची।
BJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस में विवाद
सौरभ भारद्वाज ने यह भी खुलासा किया कि हाल ही में बीजेपी सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी के आवास पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 11 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस मुद्दे को लेकर बीजेपी नेताओं के बीच तीखी बहस और हाथापाई हुई थी। उन्होंने कहा कि यह सब दर्शाता है कि बीजेपी इस पूरे मामले को छिपाने का प्रयास कर रही है।
AAP की कड़ी प्रतिक्रिया, कार्रवाई की मांग
AAP ने बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब लोकतांत्रिक पदों की खरीद-फरोख्त होने लगे, तो जनता की सेवा असंभव हो जाती है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि बीजेपी की इस कार्रवाई ने दिल्ली की जनता के सामने उसकी छवि को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने मांग की कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
दूसरी ओर, बीजेपी ने AAP के आरोपों को निराधार बताया है और कहा है कि यह केवल MCD की साख को धूमिल करने की कोशिश है। हालांकि, अब तक पार्टी की ओर से इस मामले पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है।