Delhi Govt : विकास मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया कि अगले दो सालों में UNDP के सहयोग से यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
Delhi Govt ने राजधानी के करीब 10 लाख आवारा कुत्तों को माइक्रोचिप लगाने का बड़ा फैसला लिया है। इस कदम से न केवल कुत्तों की गिनती और उनकी सेहत पर निगरानी रखी जाएगी, बल्कि रेबीज जैसी गंभीर बीमारी पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा।
बुधवार (10 सितंबर) को दिल्ली सचिवालय में आयोजित दिल्ली एनिमल वेलफेयर बोर्ड की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता कपिल मिश्रा ने की, जिसमें विकास आयुक्त शूरवीर सिंह सहित पशुपालन विभाग, NDMC, MCD और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम पर विशेष चर्चा हुई और विश्व रेबीज दिवस से पहले बड़े पैमाने पर कदम उठाने का संकल्प लिया गया। इसके तहत माइक्रोचिपिंग, टीकाकरण प्रक्रिया का डिजिटलीकरण और डॉग बाइट मामलों की रोकथाम जैसे उपाय किए जाएंगे।
बैठक में यह भी तय किया गया कि दिल्ली में जल्द ही डॉग सेंसस और मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे सही आंकड़े जुटाए जा सकें। इसके अलावा पेट शॉप्स का पंजीकरण अनिवार्य होगा और इसके लिए एक अलग मॉनिटरिंग कमेटी बनाई जाएगी।
बैठक में प्रशासनिक और वित्तीय फैसलों पर भी चर्चा हुई, जिसमें फंड ट्रांसफर, स्टैंडिंग कमेटी और उप-समितियों का गठन, नए स्टाफ की भर्ती और बोर्ड की योजनाओं के लिए खर्च की स्वीकृति शामिल रही। वहीं, स्कूलों में पशु कल्याण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाने और जल्द ही एनिमल मार्केट मॉनिटरिंग कमेटी बनाने का भी निर्णय लिया गया।
कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि राजधानी पशु कल्याण के क्षेत्र में पूरे देश के लिए एक मिसाल बने। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जल्द एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की जाए, जिसमें पेट शॉप्स रजिस्ट्रेशन, रेबीज कंट्रोल, डॉग माइक्रोचिपिंग, डॉग बाइट रोकथाम और निगरानी समितियों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट किया जाए। साथ ही, सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर लोगों में अधिक जागरूकता फैलाई जाए।