DELHI NEWS : बीजेपी सरकार पर हमला करते हुए आतिशी ने कहा, “कैसे संभव है कि दिल्ली में पिछले 10 सालों में बिजली कटौती नहीं हुई, लेकिन बीजेपी सरकार के आते ही एक महीने के अंदर ही बिजली कटौती शुरू हो गई? इसका मतलब है कि बीजेपी को सरकार चलाना नहीं आता और उनके पास काम करने की कोई क्षमता नहीं है।”
दिल्ली में सत्ता परिवर्तन के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। बीजेपी पिछली सरकार के घोटालों का मुद्दा उठा रही है, जबकि AAP बीजेपी सरकार की आलोचना कर रही है। पार्टी की नेता और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने अपने घर में बिजली गुल होने की तस्वीर शेयर करते हुए कहा कि अब तो मेरे अपने घर में भी बिजली चली गई है।
पावर कट के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (AAP) लगातार बीजेपी सरकार को घेर रही है। पार्टी की वरिष्ठ नेता आतिशी ने सोमवार को आरोप लगाया कि फरवरी में सत्ता में आने के बाद से बीजेपी के नेतृत्व में दिल्ली में बिजली कटौती बढ़ गई है।
आतिशी ने कहा, “AAP के सत्ता में आने से पहले दिल्ली में बिजली कटौती आम बात थी। हर घर में इन्वर्टर रखना पड़ता था, लेकिन फरवरी 2015 में अरविंद केजरीवाल के मुख्यमंत्री बनने के बाद बिजली कटौती की समस्या खत्म हो गई थी।”
10 सालों से बेकार पड़े थे इनवर्टर:
आतिशी ने कहा कि AAP सरकार के तहत दिल्ली में 24 घंटे बिजली सप्लाई दी जाती रही। उन्होंने यह भी बताया कि दिल्लीवाले जानते हैं कि पिछले 10 सालों में उनके इनवर्टर बेकार पड़े थे और उन्हें बैटरी बदलवाने की जरूरत भी नहीं पड़ी। लेकिन अब जब से बीजेपी की सरकार आई है, दिल्ली में बिजली कटौती बढ़ गई है।
आतिशी ने बीजेपी सरकार पर हमला करते हुए कहा, “कैसे हो सकता है कि पिछले 10 सालों तक दिल्ली में बिजली कटौती नहीं हुई, लेकिन बीजेपी सरकार आते ही एक महीने में ही ये समस्या फिर से शुरू हो गई? इसका मतलब है कि बीजेपी को सरकार चलाना नहीं आता। उनके पास दिल्लीवासियों की सेवा करने की नीयत और क्षमता दोनों नहीं हैं।”
आतिशी के आरोप पर बीजेपी का पलटवार:
बीजेपी दिल्ली यूनिट के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आतिशी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि निर्बाध बिजली आपूर्ति सरकार का बुनियादी कर्तव्य है, यह कोई बड़ी उपलब्धि नहीं है। उन्होंने AAP पर बिजली खरीद और आपूर्ति में भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया।
वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, “मुंबई, पुणे, अहमदाबाद, वडोदरा, बेंगलुरु और कई अन्य बीजेपी शासित राज्यों में पहले से ही निर्बाध बिजली आपूर्ति की जा रही है। उत्तर प्रदेश, जो पहले बिजली संकट वाले राज्य के रूप में जाना जाता था, अब बिजली की अच्छी आपूर्ति से रोशन है। 24 घंटे बिजली देना सरकार का कर्तव्य है, न कि जनता पर एहसान करना।”