दिल्ली। 2020 दिल्ली दंगों की साजिश मामले में आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अदालत के फैसले का स्वागत किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में हिंसा फैलाने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए और जो भी उनका समर्थन करता है, उसे भी यह संदेश स्पष्ट जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय न्याय और कानून के प्रति लोगों का भरोसा मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि 2020 के दंगों में दिल्ली ने निर्दोष नागरिकों की जान और संपत्ति का भारी नुकसान देखा और सामाजिक ताने-बाने में दरार आई। ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्ती जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी शहर को हिंसा की ओर नहीं ले जा सके।
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कानून मंत्री कपिल मिश्रा ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह साबित करता है कि दिल्ली के दंगे कोई अचानक घटना नहीं थे बल्कि पूर्व नियोजित साजिश का परिणाम थे। गृह विभाग मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह आदेश उन लोगों के लिए मिसाल है जो देश के खिलाफ काम करते हैं। वहीं, पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी फैसले का समर्थन करते हुए दंगाइयों को कड़ी सजा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस फैसले के बाद दिल्ली में कानून व्यवस्था और न्याय व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास बढ़ा है। सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय स्पष्ट संदेश देता है कि किसी भी व्यक्ति या समूह को हिंसा और साजिश के माध्यम से समाज को खतरे में डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी।