गुजरात सरकार ने मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) के तहत पिछले 4 वर्षों में 2,106 कैंसर मरीजों को जीवन रक्षक सहायता प्रदान की है। 2021 से 2025 तक, इस कोष से 31.55 करोड़ रुपये से अधिक की मदद इन मरीजों को मिली, जिससे उन्हें महंगे उपचार के लिए जरूरी वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में CMRF ने एक नई दिशा तय की है, जिससे राज्य के नागरिकों को समय पर और प्रभावी चिकित्सा सहायता मिल रही है।
मुख्यमंत्री राहत कोष का उद्देश्य और विस्तार
मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) का मुख्य उद्देश्य राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों को जीवन-रक्षक उपचार प्रदान करना है। विशेष रूप से कैंसर, हृदय रोग, किडनी और लिवर फेल्योर जैसी गंभीर बीमारियों के मरीजों को महंगे इलाज में मदद मिलती है। इसके अलावा, ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसे जटिल उपचारों में भी यह कोष सहायता प्रदान करता है। CMRF ने पिछले चार वर्षों में हजारों मरीजों को आर्थिक सहायता दी है, जिससे उन्हें समय पर उपचार प्राप्त हो सका और उनकी जिंदगी बची।
कैंसर मरीजों को मिली महत्वपूर्ण सहायता
सीएमआरएफ द्वारा कैंसर से जूझ रहे 2,106 मरीजों को उपचार के लिए 31.55 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई है। इसमें से 450 मरीजों को ब्लड कैंसर और बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसे मामलों में राहत मिली, जबकि 1,656 मरीजों को अन्य प्रकार के कैंसर के इलाज में मदद प्रदान की गई। गुजरात सरकार ने इन मरीजों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उन्हें समय पर सहायता देने के लिए एक प्रभावी प्रक्रिया विकसित की है, जिससे इलाज में कोई रुकावट न आए।
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मुख्यमंत्री राहत कोष से जुड़े प्रमुख चिकित्सा संस्थान
गुजरात के प्रमुख कैंसर अस्पतालों में CMRF के तहत आर्थिक मदद प्रदान की जाती है। अहमदाबाद स्थित गुजरात कैंसर एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (GCRI), राजकोट के नथालाल पारिख कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट, सूरत के भारत कैंसर हॉस्पिटल, और किरण मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल जैसे संस्थान CMRF से जुड़ी प्रमुख चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करते हैं। इन संस्थानों में कैंसर के मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा इलाज किया जाता है और CMRF के माध्यम से उन्हें आर्थिक सहायता मिलती है, ताकि उपचार में कोई बाधा न आए।
आवेदन प्रक्रिया और पात्रता मानदंड
सीएमआरएफ से सहायता प्राप्त करने के लिए मरीज को कुछ दस्तावेज़ों के साथ आवेदन करना होता है। इसके तहत आवेदक की वार्षिक आय 4 लाख रुपये (वरिष्ठ नागरिकों के लिए 6 लाख रुपये) से कम होनी चाहिए। आवेदन के बाद, राजस्व विभाग द्वारा सत्यापन प्रक्रिया की जाती है और फिर मुख्यमंत्री राहत कोष समिति के समक्ष भेजा जाता है। समिति की मंजूरी के बाद स्वीकृत राशि सीधे मरीज के अस्पताल या व्यक्तिगत खाते में स्थानांतरित की जाती है।
सीएमआरएफ: गुजरात सरकार की एक सशक्त पहल
मुख्यमंत्री राहत कोष ने एक जन-केन्द्रित, संवेदनशील और त्वरित प्रणाली को लागू किया है, जिससे किसी भी नागरिक को आर्थिक तंगी के कारण उपचार से वंचित नहीं रहना पड़ता। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि स्वास्थ्य और जीवन की प्राथमिकता के रूप में यह कोष हमेशा लोगों के लिए एक भरोसेमंद सहारा बना रहे। उनके मार्गदर्शन में CMRF ने लाखों नागरिकों को न केवल इलाज की सुविधा दी है, बल्कि जीवन में आशा और उम्मीद भी वापस लौटाई है।
गुजरात सरकार की यह पहल संकट की घड़ी में एक मील का पत्थर साबित हो रही है, और यह दिखाता है कि राज्य सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपने नागरिकों की सुरक्षा और भलाई के लिए हमेशा तत्पर है।