राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने कहा है कि हरिवंश का लगातार तीसरी बार निर्विरोध उपसभापति चुना जाना संसद में उनके प्रति सभी दलों के विश्वास और सम्मान को दर्शाता है। उन्होंने इसे सदन में व्यापक सहमति और लोकतांत्रिक परंपराओं की मजबूती का संकेत बताया।
लगातार तीसरी बार निर्विरोध चुने गए हरिवंश
पत्रकारिता से राजनीति में आए हरिवंश को एक बार फिर राज्यसभा का उपसभापति चुना गया है। यह उनका लगातार तीसरा कार्यकाल है। उनका पिछला कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त होने के बाद यह पद रिक्त हो गया था, जिसके बाद उनका पुनः चयन किया गया।
सभी दलों के समर्थन को बताया भरोसे का प्रतीक
सभापति सीपी राधाकृष्णन ने हरिवंश को बधाई देते हुए कहा कि उनके पक्ष में मिला सर्वसम्मत समर्थन केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह सदन के सभी राजनीतिक दलों के विश्वास और सम्मान को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि एक संवैधानिक पद पर लगातार तीसरी बार निर्विरोध चुना जाना एक दुर्लभ उपलब्धि है।
कार्यशैली और संसदीय परंपराओं की सराहना
राधाकृष्णन ने हरिवंश के कार्यकाल को निष्पक्षता, संतुलन और संसदीय मर्यादाओं के पालन का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि तीखी बहसों के दौरान भी उनका शांत और संयमित व्यवहार सदन की गरिमा बनाए रखने में मदद करता रहा है।
लोकतांत्रिक सहमति का संदेश
उन्होंने कहा कि ऐसे सर्वसम्मति वाले फैसले यह साबित करते हैं कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद संसद के सदस्य संस्थागत मूल्यों और संसदीय परंपराओं को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
नए सदस्यों के लिए मार्गदर्शन
सभापति ने यह भी कहा कि नए सांसदों को संसदीय कार्यप्रणाली समझने में हरिवंश के अनुभव और मार्गदर्शन से लाभ मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि हरिवंश आगे भी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करते रहेंगे।
सदन की कार्यवाही स्थगित
बाद में सदन को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया, जहां सदस्यों ने हरिवंश को उनके पुनः निर्वाचन पर शुभकामनाएं दीं।