प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2025 में हुए बड़े आर्थिक सुधारों पर प्रकाश डाला। GST बदलाव, बिजनेस रिफॉर्म्स, न्यूक्लियर एनर्जी और रोजगार से जुड़े फैसलों से भारत ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर आगे बढ़ा।
भारत के आर्थिक और नीतिगत बदलावों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विस्तार से अपनी बात रखी है। उन्होंने प्रोफेशनल प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर लिखे एक लेख में साल 2025 को भारत की सुधार यात्रा का ऐतिहासिक पड़ाव बताया। पीएम मोदी के अनुसार, बीते वर्ष में किए गए फैसलों ने भारत को वैश्विक मंच पर मजबूती से स्थापित किया है और देश अब “रिफॉर्म एक्सप्रेस” की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।
2025 बना सुधारों का निर्णायक साल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2025 ने पिछले 11 वर्षों में हुई प्रगति को नई दिशा दी है। उन्होंने लिखा कि भारत के युवाओं, मजबूत डेमोग्राफी और लोगों के इनोवेटिव जज्बे ने देश को दुनिया की उम्मीद का केंद्र बना दिया है। आज वैश्विक निवेशक और सरकारें भारत को भरोसे के साथ देख रही हैं।
‘भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लेख में कहा, “मैं लंबे समय से कहता आया हूं कि भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है। इस ट्रेन का इंजन हमारे युवा, उनकी ऊर्जा और देशवासियों का अदम्य साहस है।” उन्होंने बताया कि सुधारों का उद्देश्य नागरिकों को गरिमापूर्ण जीवन, उद्यमियों को आत्मविश्वास और संस्थानों को पारदर्शिता प्रदान करना है।
GST और टैक्स सिस्टम में बड़े बदलाव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी में किए गए अहम सुधारों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि दो-स्लैब संरचना (5% और 18%) से घरों, MSMEs, किसानों और श्रम-आधारित सेक्टर्स को राहत मिली है। इसके अलावा, सालाना 12 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स छूट और 1961 के आयकर कानून को सरल व टेक्नोलॉजी आधारित इनकम टैक्स एक्ट 2025 में बदलना भी बड़ी उपलब्धि रही।
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बिजनेस और निवेश को मिली नई रफ्तार
2025 में बिजनेस सुधारों के तहत छोटी कंपनियों की परिभाषा का विस्तार कर 100 करोड़ रुपये तक टर्नओवर वाली कंपनियों को शामिल किया गया। कंप्लायंस बोझ कम किया गया और बीमा सेक्टर में 100% FDI की अनुमति दी गई। इसके साथ ही सिक्योरिटीज मार्केट कोड बिल लाकर निवेशक सुरक्षा और बाजार पारदर्शिता को मजबूत किया गया।
ब्लू इकोनॉमी और समुद्री कानूनों में सुधार
पीएम मोदी ने बताया कि समुद्री क्षेत्रों और ब्लू इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए मानसून सत्र में पांच ऐतिहासिक कानून पास किए गए। इन नए कानूनों ने 1908 के औपनिवेशिक नियमों की जगह ली, जिससे डॉक्यूमेंटेशन आसान हुआ और लॉजिस्टिक्स लागत घटने की उम्मीद है।
पुराने कानून हटे, कंप्लायंस बोझ घटा
सरकार ने सैकड़ों पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को खत्म किया। रिपीलिंग एंड अमेंडमेंट बिल 2025 के तहत 71 एक्ट्स को रद्द किया गया। कई क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर्स (QCOs) हटाए या सस्पेंड किए गए, जिससे उत्पादन लागत घटेगी, निर्यात बढ़ेगा और उपभोक्ताओं को सस्ते उत्पाद मिलेंगे।
लेबर रिफॉर्म्स और वैश्विक व्यापार समझौते
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि 29 बिखरे लेबर कानूनों को चार लेबर कोड्स में बदला गया, जिससे श्रमिक सुरक्षा के साथ-साथ बिजनेस एफिशिएंसी भी बढ़ी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत ने न्यूजीलैंड, ओमान, यूके और यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन के साथ ट्रेड डील्स कर वैश्विक बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत की।
ऊर्जा, न्यूक्लियर पावर और ग्रामीण रोजगार
ऊर्जा क्षेत्र में SHANTI Act को पीएम मोदी ने परिवर्तनकारी कदम बताया, जो परमाणु ऊर्जा के सुरक्षित विस्तार की नींव रखता है। इसके अलावा, ग्रामीण रोजगार के लिए गारंटीड वर्क डेज 100 से बढ़ाकर 125 किए गए। शिक्षा सुधारों के तहत उच्च शिक्षा के लिए एकीकृत निकाय का प्रस्ताव भी रखा गया।