विटामिन B12 हमारे शरीर और मस्तिष्क के लिए बेहद जरूरी है। इसकी कमी से याददाश्त कमजोर हो सकती है और सोचने की प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है। अक्सर लोग उम्र, तनाव या काम के दबाव को ही भूलने और ध्यान कमजोर होने का कारण मान लेते हैं, लेकिन कई बार असली वजह विटामिन B12 की कमी होती है। यह कमी खासकर बुजुर्गों, शाकाहारी लोगों और कुछ स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे मरीजों में आम पाई जाती है।
विटामिन B12 दिमाग और नसों पर कैसे असर डालता है?
विटामिन B12 दो प्रमुख रूपों में काम करता है: मिथाइलकोबालामिन और एडेनोसिलकोबालामिन।
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मिथाइलकोबालामिन होमोसिस्टीन को मेथिओनिन में बदलने में मदद करता है, जो DNA निर्माण और न्यूरोट्रांसमीटर के उत्पादन के लिए जरूरी है। B12 की कमी से होमोसिस्टीन बढ़ता है और मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचता है, जिससे याददाश्त और सोचने की क्षमता प्रभावित होती है।
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एडेनोसिलकोबालामिन नसों की सुरक्षा के लिए जरूरी माइलिन शीथ को मजबूत बनाता है। इसकी कमी से नसों में संकेत धीमे हो जाते हैं और भूलने की आदत, ध्यान में कमी और सोचने की क्षमता घटती है। लंबे समय तक कमी बनी रहने पर डिमेंशिया का खतरा भी बढ़ सकता है।
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B12 की कमी से कौन प्रभावित होता है?
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बुजुर्ग: पेट में एसिड की कमी से B12 ठीक से अवशोषित नहीं होती।
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शाकाहारी और वीगन: पौधों में प्राकृतिक रूप से B12 नहीं पाया जाता।
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पाचन संबंधी समस्याएं: सेलिएक, क्रोहन रोग, पर्निशियस एनीमिया।
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दवाओं का असर: लंबे समय तक मेटफॉर्मिन या एसिडिटी की दवाएं लेने वाले।
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अन्य कारण: डायबिटीज, किडनी की समस्याएं और प्रदूषण।
शुरुआती लक्षण
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चीजें भूलना और ध्यान न लगना
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सोचने की गति धीमी होना
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समस्या हल करने में कठिनाई
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मूड में बदलाव, चिड़चिड़ापन, उदासी या चिंता
रोकथाम और समाधान
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B12 युक्त आहार लें: मांस, मछली, अंडे और डेयरी उत्पाद।
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शाकाहारी लोग फोर्टिफाइड फूड या सप्लीमेंट का उपयोग करें।
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जरूरत पड़ने पर सप्लीमेंट: गोली, ड्रॉप या इंजेक्शन।
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जांच जरूरी: बुजुर्ग, पाचन रोग वाले और लंबे समय से दवा लेने वाले समय-समय पर B12 स्तर की जांच कराएं।
सही समय पर विटामिन B12 की कमी को पहचानकर आप अपनी याददाश्त और मस्तिष्क की क्षमता को बनाए रख सकते हैं।