पंजाब सरकार ने बाल भिक्षावृत्ति पर कड़ी कार्रवाई कर 1,023 बच्चों को बचाया और पुनर्वासित किया। जनता से 1098 पर रिपोर्ट करने की अपील।
पंजाब सरकार ने राज्य में बाल भिक्षावृत्ति को पूरी तरह समाप्त करने के उद्देश्य से विशेष और परिणामोन्मुखी कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री मान के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के तहत अब तक 1,023 बच्चों को बचाया और पुनर्वासित किया गया है, जबकि हाल ही में सप्ताहांत अभियान के दौरान 31 बच्चों को भी सुरक्षित निकाला गया।
सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि अभियान के दौरान सभी जिलों में संवेदनशील क्षेत्रों में छापेमारी की गई। बचाए गए बच्चों में से चार बच्चों को उनके माता-पिता को तत्काल सौंपा गया, जबकि 27 बच्चों को अस्थायी बाल देखभाल गृहों में रखा गया।
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मंत्री ने आगे बताया कि बच्चों के सुरक्षित और सर्वांगीण विकास के लिए उन्हें विभिन्न सरकारी कल्याण योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
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38 बच्चों को प्रायोजन योजना के तहत आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
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349 बच्चों को स्कूलों में दाखिला देकर शिक्षा की मुख्यधारा में शामिल किया गया।
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9 बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों से पोषण और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल दी गई।
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13 बच्चों को आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
डॉ. बलजीत कौर ने जोर देकर कहा कि बाल भिक्षावृत्ति पर शून्य-सहिष्णुता नीति लागू की गई है और बच्चों को भीख मांगने के लिए मजबूर करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से भी अपील की कि वे सड़क पर भीख मांगने वाले बच्चों को दान न दें, और यदि कोई बच्चा ऐसे हालात में पाया जाए तो तुरंत बाल हेल्पलाइन 1098 या जिला बाल कल्याण समिति को सूचित करें।
इन निरंतर प्रयासों के चलते पंजाब में बाल भिक्षावृत्ति की घटनाओं में लगातार कमी देखी जा रही है और सरकार का लक्ष्य है कि सभी बच्चे सुरक्षित, सम्मानजनक और उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ सकें।