पंजाब सरकार नागरिक-केंद्रित डिजिटल प्रशासन की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। राज्य में “भगवंत मान सरकार, तुहाड़े द्वार” और अन्य डिजिटल पहल के तहत नागरिकों को अब सरकारी सेवाएं सीधे उनके घर तक मिल रही हैं। यह पहल लंबी कतारों और कागजी प्रक्रियाओं को खत्म कर, पारदर्शिता, दक्षता और नागरिकों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
सुशासन एवं आईटी मंत्री अमन अरोड़ा ने बताया कि पटवारियों को ई-सेवा पोर्टल से जोड़ने के बाद अब तक 12.46 लाख से अधिक आवेदनों पर ऑनलाइन कार्रवाई हो चुकी है। इसके अलावा, “भगवंत मान सरकार, तुहाड़े द्वार” योजना के तहत 1.85 लाख से अधिक नागरिकों को उनके घर पर सेवाएं प्रदान की गई हैं। इस डिजिटल सुधार से लालफीताशाही में कमी आई और नागरिकों का समय बचा।
अमन अरोड़ा ने कहा कि यह पहल देश में अपनी तरह की पहली पहल है, जिसमें सरपंच, नंबरदार और नगर पार्षदों (MC) को विभिन्न प्रमाणपत्रों के ऑनलाइन सत्यापन की क्षमता दी गई है। इससे नागरिकों को बार-बार दस्तावेज़ सत्यापन के लिए सरकारी कार्यालयों में आने की जरूरत नहीं है।
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राज्य सरकार ने सभी पटवारियों को केंद्रीकृत सेवा पोर्टल पर एकीकृत किया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी और भ्रष्टाचार की संभावना कम हुई। नागरिक अब 1076 हेल्पलाइन के जरिए 437 सेवाओं का लाभ सीधे अपने घर से उठा सकते हैं।
डिजिटल सुधार के तहत QR कोड वाले प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं, जिनमें डिजिटल हस्ताक्षर होते हैं और ये सीधे नागरिक के मोबाइल पर भेजे जाते हैं। साथ ही, डीजीजीआईटी का रीयल-टाइम डैशबोर्ड सेवाओं की निगरानी करता है और लंबित आवेदनों की दर को केवल 0.33% तक कम कर दिया है।
अमन अरोड़ा ने बताया कि अब आय, निवास और जाति प्रमाणपत्र जैसी प्रमुख सेवाओं के लिए कागजी प्रपत्र भरने की आवश्यकता समाप्त हो गई है। इसके अलावा, पूरे राज्य में आयोजित 11,151 शिविरों में 52,380 शिकायतों का समाधान और 5.10 लाख से अधिक सेवाएं प्रदान की गईं।
अमन अरोड़ा ने कहा, “हमारा लक्ष्य पूर्णतः कागज रहित, संपर्क रहित और निर्बाध सेवा वितरण प्रणाली है। वर्ष 2025 पंजाब के प्रशासनिक इतिहास में महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा, जब सरकार अब शक्ति प्रदर्शित करने वाली संस्था नहीं, बल्कि भरोसेमंद सेवा बन गई।”