Alzheimer Day 2025: हर साल 21 सितंबर को World Alzheimer’s Day मनाया जाता है, ताकि इस गंभीर न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके। Alzheimer’s disease खासकर बुजुर्गों को प्रभावित करती है, लेकिन इसकी शुरुआती लक्षणों को पहचानकर समय रहते इलाज और देखभाल संभव है।
अल्जाइमर क्या है?
डॉ. ज्योति बाला शर्मा के अनुसार, अल्जाइमर एक ऐसी बीमारी है जिसमें दिमाग की कोशिकाएं धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। इससे याददाश्त कमजोर होती है, सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित होती है और व्यक्ति के व्यवहार में बदलाव आने लगते हैं।
शुरुआती संकेत जो नजरअंदाज नहीं करने चाहिए
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बार-बार गुस्सा आना या चिड़चिड़ापन बढ़ना
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रोजमर्रा की चीजें भूल जाना
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बार-बार एक ही सवाल पूछना
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फैसले लेने में कठिनाई होना
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अचानक लोगों से मिलना-जुलना कम कर देना
ये लक्षण अगर दिखें तो इसे सामान्य भूलने की आदत समझकर नजरअंदाज न करें, क्योंकि ये अल्जाइमर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
समय रहते पहचानना क्यों जरूरी है?
अल्जाइमर को जल्दी पहचानने से इलाज संभव होता है और मरीज की जिंदगी बेहतर बनाई जा सकती है। थेरेपी के साथ-साथ परिवार को भी सही देखभाल करने में मदद मिलती है। इसलिए किसी भी असामान्य व्यवहार पर डॉक्टर से सलाह लेना बहुत आवश्यक है।
एक्सपर्ट की सलाह
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बुजुर्गों में अचानक व्यवहारिक बदलाव दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
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याददाश्त बढ़ाने के लिए क्रॉसवर्ड, मेमोरी गेम्स खेलना लाभकारी है
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संतुलित आहार, नियमित योग और अच्छी नींद दिमागी स्वास्थ्य के लिए जरूरी हैं
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मरीज को परिवार और दोस्तों से भावनात्मक समर्थन मिले