दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए एमसीडी ने विंटर एक्शन प्लान लागू किया। 24×7 निगरानी टीमों द्वारा कचरा जलाने, धूल नियंत्रण और निर्माण कार्यों पर सख्त कार्रवाई जारी। दिल्ली की हवा साफ़ रखने के लिए नागरिकों से सहयोग की अपील।
दिल्ली में सर्दियों की शुरुआत के साथ ही वायु प्रदूषण का खतरा बढ़ गया है, जिसे देखते हुए एमसीडी (नगर निगम दिल्ली) ने विंटर एक्शन प्लान 2025 को लागू कर दिया है। इस प्लान के तहत राजधानी के 12 जोनों में प्रदूषण नियंत्रण की निगरानी, स्रोतों की पहचान और सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
24×7 निगरानी: दिन-रात दो शिफ्ट में काम कर रहीं टीमें
एमसीडी के अनुसार, 24×7 निगरानी प्रणाली विंटर एक्शन प्लान की सबसे महत्वपूर्ण पहल है। दो शिफ्टों में 1172 अधिकारियों की 379 टीमें तैनात की गई हैं, जो दिन-रात लगातार विभिन्न इलाकों में निरीक्षण और कार्रवाई कर रही हैं।
खुले में कचरा जलाने और धूल पर विशेष फोकस
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221 निगरानी टीमें खुले में कचरा, प्लास्टिक और जैविक अपशिष्ट जलाने की घटनाओं पर नज़र रख रही हैं।
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इनमें से 97 टीमें दिन में और 124 टीमें रात में गश्त कर रही हैं।
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158 टीमें और 450 कर्मचारी निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट (C&D Waste) की निगरानी में लगे हैं, जो धूल प्रदूषण को रोकने के लिए सक्रिय हैं।
सीएंडडी अपशिष्ट और धूल नियंत्रण पर कार्रवाई
प्रदूषण फैलाने वाले निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण उपायों की जांच की जा रही है और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ चालान और दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।
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एमसीडी का कहना है कि प्लान केवल निगरानी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें यांत्रिक सफाई, सड़क धूल नियंत्रण, अवैध कचरा जलाने पर जुर्माना और अपशिष्ट का समयबद्ध निस्तारण जैसे कई पहल शामिल हैं।
ग्रीन वॉर रूम और दैनिक रिपोर्टिंग
सभी टीमें केंद्रीय गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों का पालन कर रही हैं। हर दिन की कार्रवाई रिपोर्ट ग्रीन वॉर रूम को भेजी जाती है, जिसे बाद में आयोग के पोर्टल पर अपलोड किया जाता है।
नागरिकों से अपील: मिलकर रोके प्रदूषण
एमसीडी ने दिल्लीवासियों से अपील की है कि यदि वे प्रदूषण फैलाने वाली कोई भी गतिविधि देखें, तो तुरंत MCD कंट्रोल रूम या मोबाइल ऐप के माध्यम से रिपोर्ट करें। इससे सर्दियों में बढ़ते वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा।