पालम अग्निकांड में सौरभ भारद्वाज ने कहा– दमकल विभाग की लापरवाही और समय पर बचाव न होने से कई जानें खतरे में थीं। भजनपुरा अग्निकांड में स्थानीय लोगों ने बहादुरी से 20-25 लोगों को बचाया।
राजधानी दिल्ली के पालम अग्निकांड पर AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने प्रशासन और दमकल विभाग की लापरवाही पर कड़ा हमला किया। उन्होंने कहा कि अगर दमकल विभाग और प्रशासन ने समय पर गद्दों और बचाव के साधनों की अनुमति दी होती, तो कई लोगों की जानें बचाई जा सकती थीं।
स्थानीय लोगों की बहादुरी ने बचाई जानें
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि पिछले भजनपुरा अग्निकांड में एक मुस्लिम परिवार के घर में आग लगी थी। रात करीब 2 बजे, स्थानीय लोगों और एक हिंदू ब्राह्मण परिवार की बहादुरी के कारण फंसे हुए लगभग 20-25 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। उन्होंने कहा कि यह घटना साबित करती है कि समुदाय की एकता और सूझबूझ आपदा के समय जीवन बचाने में अहम भूमिका निभाती है।
पालम अग्निकांड में सभी लोगों को बचाया जा सकता था, अगर दमकल विभाग वहाँ लोगों को गद्दे बिछाने देता। इस हादसे के बाद लोगों ने सीख ली और परसों भजनपुरा के एक मकान में लगी आग से लोगों को बचाया जा सका।
इस बिल्डिंग में मुस्लिम परिवार रहता था और उन्हें रात 2 बजे बचाने के लिए एक हिंदू… pic.twitter.com/HDwGLDpvuc
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) March 30, 2026
प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल
सौरभ भारद्वाज ने जोर देकर कहा कि पालम अग्निकांड जैसी घटनाओं में दमकल विभाग और प्रशासन का धीमा निर्णय कई लोगों की जान लेने वाला साबित हुआ। उन्होंने कहा कि ऐसी तकनीकी और प्रशासनिक गड़बड़ियों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
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भविष्य के लिए सुझाव
उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि भविष्य में आग और अन्य आपदाओं में त्वरित बचाव कार्य और स्थानीय सहयोग की अनुमति सुनिश्चित की जाए। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अगर समय रहते बचाव उपाय लागू होते, तो लोगों की जानों को खतरे में नहीं डाला जाता।
सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव
सौरभ भारद्वाज के बयान के बाद स्थानीय राजनीति और सामाजिक बहस तेज हो गई। लोगों ने बेहतर अग्नि सुरक्षा, जागरूकता और आपातकालीन बचाव उपायों की मांग दोबारा जोर देकर उठाई।