दिल्ली सरकार ने प्रदूषण कम करने के लिए राजधानी की सड़कों पर मिस्ट स्प्रे सिस्टम लगाने का निर्णय लिया। सीएम रेखा गुप्ता ने आईटीओ में इसका निरीक्षण किया और सुरक्षा निर्देश दिए।
राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आईटीओ क्षेत्र में मिस्ट स्प्रे सिस्टम का निरीक्षण किया और अधिकारियों को इसके प्रभावी संचालन के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार प्रदूषण कम करने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है। उनका उद्देश्य प्रदूषण के स्रोत को न्यूनतम करना और शहर को स्वच्छ बनाना है। इस योजना के तहत पहले 9 प्रमुख प्रदूषण हॉटस्पॉट पर मिस्ट स्प्रे सिस्टम लगाए जा रहे हैं।
पायलट प्रोजेक्ट के परिणाम उत्साहजनक
एनडीएमसी क्षेत्र में मिस्ट स्प्रे सिस्टम के पायलट प्रयोगों से सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इन्हीं अनुभवों के आधार पर अब दिल्ली की सभी सड़कों के लिए विस्तृत योजना तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एमसीडी, एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी समेत सभी संबंधित एजेंसियों को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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तकनीकी विवरण और लाभ
मिस्ट स्प्रे सिस्टम विशेष रूप से सड़क की धूल और हवा में मौजूद प्रदूषकों को नियंत्रित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह सिस्टम बिजली के खंभों पर स्थापित होता है और इसमें हाई-प्रेशर पंप और नोजल लगे होते हैं, जो पानी की सूक्ष्म बूंदों को वातावरण में फैलाते हैं। सरकार लगभग 300 से अधिक मिस्ट स्प्रे सिस्टम दिल्ली के प्रमुख प्रदूषण हॉटस्पॉट पर लगाने की योजना में है।
कहाँ अधिक प्रभावी होगा मिस्ट स्प्रे
मिस्ट स्प्रे का प्रमुख उद्देश्य वातावरण में मौजूद धूल को नीचे सतह पर लाना है। यह उन क्षेत्रों में अधिक प्रभावी है जहाँ धूल की समस्या गंभीर है। हालांकि, यह प्रणाली कार्बन मोनोऑक्साइड या नाइट्रोजन डायऑक्साइड जैसी गैसों को कम नहीं कर सकती।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रदूषण कम करने में जनता की सक्रिय भागीदारी भी बेहद जरूरी है। सरकार और नागरिकों के संयुक्त प्रयास से ही राजधानी की हवा को साफ और स्वच्छ बनाया जा सकता है।