पंजाब सरकार ने आशीर्वाद योजना को सेवा केंद्रों से जोड़ा, बेटियों और विधवाओं को ₹51,000 की मदद, पारदर्शिता और सरल आवेदन प्रक्रिया सुनिश्चित।
मुख्यमंत्री मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने गरीब, पिछड़े और हाशिए पर पड़े वर्गों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि आशीर्वाद योजना अब केवल सेवा केंद्रों के माध्यम से लागू की जाएगी, जिससे योजना अधिक पारदर्शी, कुशल और नागरिक-हितैषी बनेगी।
डॉ. बलजीत कौर ने बुधवार को पंजाब भवन में आशीर्वाद ऑनलाइन पोर्टल का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि योजना के तहत आवेदन अब सीधे सेवा केंद्रों पर जमा किए जाएंगे। यह कदम भ्रष्टाचार, बिचौलियों द्वारा शोषण और दुरुपयोग को रोकने में मदद करेगा और सरकारी प्रणालियों में जनता का भरोसा मजबूत करेगा।
मंत्री ने कहा, “मान सरकार हर योजना के प्रत्येक रुपये को सही लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। सेवा केंद्रों के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया सरल, सस्ती और पूरी तरह पारदर्शी होगी।”
also read: लाला लाजपत राय जन्म दिवस खेल मेले में मुख्यमंत्री भगवंत…
आशीर्वाद योजना का उद्देश्य
यह योजना पंजाब सरकार की प्रमुख कल्याणकारी पहलों में से एक है। इसके तहत:
-
अनुसूचित जाति, ईसाई समुदाय और पिछड़े वर्ग की बेटियों को
-
विधवाओं और तलाकशुदा महिलाओं की बेटियों को
विवाह के समय ₹51,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
पूर्व में, लाभार्थियों को दस्तावेजों के साथ विभागीय तहसील कार्यालयों में आवेदन जमा करना पड़ता था, जिससे देरी और तकनीकी परेशानियाँ होती थीं। ऑनलाइन पोर्टल पर निजी साइबर कैफे द्वारा अत्यधिक शुल्क वसूली और सिस्टम के दुरुपयोग की शिकायतें भी सामने आई थीं।
इन समस्याओं को देखते हुए, अब आशीर्वाद पोर्टल को सेवा केंद्रों से जोड़ा गया है, ताकि लाभार्थी बिना किसी बिचौलिए के न्यूनतम लागत और सरल प्रक्रिया के साथ योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि यह पहल बेटियों की सुरक्षा, सामाजिक कल्याण और पारदर्शी शासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।