उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डेमोग्राफी बदलने के प्रयास को लेकर चेतावनी दी, 2027 से पहले ‘बंटोगे तो कटोगे’ नारे का राजनीतिक संदेश भी दिया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में डेमोग्राफी बदलने के प्रयासों को लेकर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग छल और छद्म का सहारा लेकर भारत की आत्मा पर हमला करने की कोशिश कर रहे हैं। सीएम योगी ने यह बयान जनसामाजिक और राजनीतिक संदर्भों के बीच 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण संदेश के रूप में दिया।
‘बंटोगे तो कटोगे’ के बाद डेमोग्राफी पर नया संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले भी लोकसभा चुनाव 2024 के बाद ‘बंटोगे तो कटोगे’ का नारा देकर मतदाताओं के बीच एक सशक्त संदेश दिया था। इस नारे के जरिए उन्होंने विभिन्न जातीय समूहों में मतदाताओं की भावनाओं को सीधे प्रभावित किया। अब योगी आदित्यनाथ ने डेमोग्राफी बदलने की साजिश को लेकर चेतावनी दी है और विपक्षी दलों की रणनीतियों पर सवाल उठाए हैं।
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दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान
लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में आयोजित दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धर्म, कर्तव्य और निष्काम कर्म के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत और विश्व में कुछ लोग लोभ, लालच, छल और छद्म का सहारा लेकर देश की आत्मा पर प्रहार कर रहे हैं। ऐसे समय में श्रीमद्भगवद्गीता मानवता के लिए नई चेतना का संदेश देती है और कर्तव्य, धर्म और मानवता पर आधारित जीवनशैली को स्थापित करती है।
मतदाता सूची और डेमोग्राफी का संदर्भ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने बयान में बताया कि यूपी समेत देश के कई राज्यों में मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान चलाया जा रहा है। भाजपा का दावा है कि इससे अवैध मतदाताओं को हटाने में मदद मिलेगी। वहीं, विपक्षी दल इस प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। कुछ क्षेत्रों में जनसंख्या का असंतुलन बढ़ने के कारण भाजपा इसे डेमोग्राफी बदलने की साजिश के रूप में प्रस्तुत करती रही है।
राष्ट्र प्रथम का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने हमेशा ‘राष्ट्र प्रथम’ का भाव जगाया है। उन्होंने पार्टी और संगठन से एकजुट होकर देश और समाज की भलाई के लिए काम करने का आग्रह किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सीएम योगी का यह बयान 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संदेश और राजनीतिक दिशा तय करने वाला कदम है।