रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय रक्षा उद्योग सम्मेलन में भारत में ड्रोन निर्माण में पूर्ण आत्मनिर्भरता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 2030 तक भारत को स्वदेशी ड्रोन निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाना है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय रक्षा उद्योग सम्मेलन (NDIC) 2026 के उद्घाटन के अवसर पर जोर देकर कहा कि भारत की रक्षा तैयारियों और रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखने के लिए देश को ड्रोन निर्माण में पूर्ण आत्मनिर्भरता हासिल करनी होगी।
उन्होंने कहा, “भारत की रक्षा तैयारियों और रणनीतिक स्वायत्तता के लिए यह अनिवार्य है कि देश ड्रोन निर्माण में पूर्ण आत्मनिर्भरता प्राप्त करे। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए देश को सभी हितधारकों का सहयोग चाहिए। सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया जाता है। हमें मिलकर ‘मिशन मोड’ में काम करना होगा ताकि 2030 तक भारत स्वदेशी ड्रोन निर्माण का वैश्विक केंद्र बन सके।”
ड्रोन और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियां
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दुनिया में वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य पर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि रूस-यूक्रेन और ईरान-इज़राइल संघर्षों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य के युद्धों में ड्रोन और ड्रोन-रोधी हथियारों की भूमिका निर्णायक होगी।
उन्होंने कहा, “इन उभरती सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए भारत को आत्मनिर्भर ड्रोन निर्माण तंत्र स्थापित करना अनिवार्य है। आत्मनिर्भरता न केवल उत्पाद स्तर पर बल्कि घटक स्तर पर भी आवश्यक है। ड्रोन के सांचे, सॉफ्टवेयर, इंजन और बैटरी सभी भारत में निर्मित होने चाहिए। वर्तमान में अधिकांश घटक चीन से आयात किए जाते हैं, जिसे बदलना जरूरी है।”
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राष्ट्रीय रक्षा उद्योग सम्मेलन 2026
इस सम्मेलन का आयोजन रक्षा उत्पादन विभाग (DDP) द्वारा किया गया और यह 19 से 20 मार्च तक मानेकशॉ सेंटर, नई दिल्ली में हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य उन्नत विनिर्माण प्रौद्योगिकियों जैसे स्वचालन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल ट्विन्स और स्मार्ट मैटेरियल्स को अपनाने को बढ़ावा देना है।
सम्मेलन का लक्ष्य MSME, स्टार्टअप्स, DPSU, निजी रक्षा कंपनियों, नवप्रवर्तक, नीति निर्माता और तकनीकी प्रदाता को एक मंच पर लाना है ताकि:
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नवाचार को बढ़ावा दिया जा सके।
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रक्षा आपूर्ति श्रृंखला में भागीदारी का विस्तार हो।
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गैर-रक्षा उद्योगों को रक्षा विनिर्माण में अवसरों की जानकारी मिल सके।
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उद्योग-अकादमिक साझेदारी और सहयोगात्मक अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा मिले।
आत्मनिर्भर भारत और डिफेंस मेकिंग
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सम्मेलन में स्पष्ट किया कि ड्रोन पर आत्मनिर्भरता सिर्फ रक्षा रणनीति का हिस्सा नहीं, बल्कि भारत की वैश्विक रक्षा प्रतिस्पर्धा में बढ़त सुनिश्चित करने के लिए भी जरूरी है। उन्होंने सभी उद्योगों और नवप्रवर्तकों से मिलकर काम करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, “हमें देश में स्वदेशी ड्रोन निर्माण का ऐसा ढांचा तैयार करना होगा जो वैश्विक मानकों के अनुरूप हो और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में सक्षम हो।