उत्तराखंड सरकार ने राजकीय मेडिकल कॉलेजों में 142 असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी चयनित असिस्टेंट प्रोफेसरों को नियुक्ति पत्र वितरित किए, जो राज्य के चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने नव नियुक्त प्रोफेसरों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह कदम चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र को सशक्त बनाने में अहम साबित होगा। उन्होंने सभी से अपील की कि वे अपने छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ संवेदनशीलता, सहानुभूति और सेवा की भावना भी विकसित करें, ताकि वे न केवल कुशल डॉक्टर बनें बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी पूरी निष्ठा से निभाएं।
आयुष्मान कार्ड वितरण
मुख्यमंत्री धामी ने आयुष्मान भारत योजना के तहत राज्य के नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने की दिशा में सरकार के प्रयासों को साझा किया। उन्होंने बताया कि अब तक 61 लाख आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए हैं, जिससे 17 लाख से ज्यादा मरीजों को 3300 करोड़ रुपये से अधिक का कैशलेस उपचार मिल चुका है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित कर रही है ताकि दूरदराज के क्षेत्रों के नागरिकों को उनकी ज़मीन पर ही आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। अब तक पांच मेडिकल कॉलेज चालू हो चुके हैं, जबकि दो और मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी विभाग भी स्थापित किए गए हैं।
अधिक असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति प्रक्रिया जारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 356 असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी चल रही है। इसके अलावा, 1248 नर्सिंग अधिकारियों और 170 तकनीशियनों की नियुक्ति की जा चुकी है, और करीब 600 नर्सिंग अधिकारियों की चयन प्रक्रिया भी चल रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी में राज्य के पहले आधुनिक कैंसर संस्थान का निर्माण भी जारी है। इसके अलावा, हेली एंबुलेंस सेवा, जो सुदूरवर्ती क्षेत्रों के लोगों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रही है, भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है। राज्य में मरीजों को पैथोलॉजिकल जांच की भी निःशुल्क सुविधा दी जा रही है और टेलीमेडिसिन सेवाओं के माध्यम से दूरदराज के गाँवों में विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है।
सरकारी अस्पतालों में स्टाफ की कमी को दूर किया जा रहा है
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अब तक 142 असिस्टेंट प्रोफेसरों को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं, और 356 प्रोफेसरों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी जारी है। इसके अलावा, 1248 नर्सिंग अधिकारियों और 170 तकनीशियनों की नियुक्ति की जा चुकी है और करीब 600 नर्सिंग अधिकारियों की चयन प्रक्रिया भी चल रही है।
नौकरी में मेरिट आधारित चयन और युवाओं को रोजगार
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य में पहले भर्ती प्रक्रियाओं में भारी पक्षपात और भ्रष्टाचार होता था, लेकिन अब देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। अब सभी चयन प्रक्रियाएं पूरी तरह से मेरिट आधारित हो रही हैं, जिससे योग्य उम्मीदवारों को उनके प्रयासों का पूरा लाभ मिल रहा है। अब तक राज्य के लगभग 27,000 युवाओं ने सरकारी नौकरी प्राप्त की है।
मेडिकल कॉलेजों की स्थिति और विकास
कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य के मेडिकल कॉलेजों में 62 प्रतिशत स्थायी फैकल्टी मौजूद हैं, और यह संख्या भविष्य में और बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य 70 प्रतिशत पूरा हो चुका है, और अगले सत्र से ये दोनों मेडिकल कॉलेज चालू हो जाएंगे। राज्य में वर्तमान में 625 MBBS छात्र और 256 PG छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, राज्य में 100 से अधिक कॉलेज हैं, जहां हर साल लगभग 14,000 छात्र नर्सिंग की पढ़ाई कर रहे हैं।
रावत ने यह भी कहा कि हाल ही में नियुक्त हुए 3000 नर्सिंग स्टाफ में 100 प्रतिशत लोग उत्तराखंड राज्य के निवासी हैं।