CM Bhajan Lal Sharma ने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट ने राजस्थान को निवेश के एक उभरते हुए केंद्र के रूप में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। समिट के दौरान हुए निवेश समझौते यदि ज़मीनी स्तर पर उतारे गए, तो इससे राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, उद्योगों को नई गति मिलेगी और 6 लाख से अधिक रोजगार के अवसर तैयार होंगे।
मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित बैठक में श्री शर्मा ने अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में हुए निवेश समझौतों (MOU) की समीक्षा की और कहा कि राज्य सरकार इन परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से क्रियान्वित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने निवेशकों को आश्वस्त किया कि सरकार उनके प्रोजेक्ट्स को स्थापित करने में हरसंभव सहयोग देगी।
उन्होंने निवेशकों से कहा कि वे अपनी परियोजनाओं की स्पष्ट समय-सीमा तय करें और समय-समय पर सरकार को प्रगति से अवगत कराएं। सरकार और निवेशकों के बीच बेहतर समन्वय के लिए हर परियोजना के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो कार्यों की निगरानी करेगा और समय पर पूर्णता सुनिश्चित करेगा।
CM Bhajan Lal Sharma ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पवन, हाइब्रिड, बैट्री स्टोरेज और पंप स्टोरेज जैसी परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन और कनेक्टिविटी के कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर और सरप्लस स्टेट बनाने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा की अहम भूमिका है। इसके तहत सरकार अगले कुछ वर्षों में 30 गीगावाट से 125 गीगावाट तक उत्पादन क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
इस मौके पर निवेशकों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया और कहा कि वे सभी परियोजनाओं को पारदर्शिता और तय समय में धरातल पर लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार के नेतृत्व में राजस्थान निवेश के लिए सबसे अनुकूल राज्य बनकर उभरा है।
राइजिंग राजस्थान समिट के तहत अब तक:
-
पवन व हाइब्रिड ऊर्जा के लिए 66.40 गीगावाट क्षमता के 31 MOU, कुल निवेश लगभग 4.23 लाख करोड़ रुपये।
-
इनमें से 2 लाख करोड़ रुपये निवेश वाली 14 परियोजनाएं पंजीकृत, 12 पर काम शुरू हो चुका है।
-
बैट्री स्टोरेज परियोजनाओं के लिए 18 MOU, कुल निवेश 53,900 करोड़ रुपये।
-
पंप स्टोरेज के लिए 13 MOU, कुल 1.52 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित।
बैठक में मुख्य सचिव, वरिष्ठ अधिकारी, और विभिन्न ऊर्जा परियोजनाओं के निवेशक भी मौजूद थे।