हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सादगी से दीवाली मनाई, कुरुक्षेत्र और लाडवा की जनता से मिलकर बधाई दी। मुख्यमंत्री की उपलब्धता और मिलनसारिता पर जोर दिया।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस वर्ष दीवाली का पर्व सादगी और मिलनसारिता से अपने निवास स्थान संत कबीर कुटीर में अपने परिवार के साथ मनाया। उन्होंने दिवाली पूजा के बाद, पंचकुला में एक वृद्धाश्रम में जाकर बुजुर्गों के साथ दीवाली मनाई। इस अवसर पर पूर्व स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता भी उनके साथ मौजूद थे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मिलनसारिता और सादगी ने किया प्रभावित
भले ही बिहार चुनावों में व्यस्त रहने के बावजूद, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस दीवाली के मौके पर हरियाणा के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों से व्यक्तिगत मुलाकात की। उन्होंने कुरुक्षेत्र और लाडवा की जनता से भी मिलकर उन्हें दिवाली की बधाई दी। मुख्यमंत्री के रूप में उनकी उपलब्धता और उनकी मिलनसारिता उन्हें राजनैतिक हस्तियों में विशेष बनाती है। सैनी हमेशा हर व्यक्ति से मुस्कराकर मिलते हैं, जिससे उनकी लोकप्रियता और विश्वास में वृद्धि हो रही है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का नेतृत्व और आम जनता के लिए उनकी उपलब्धता
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार ने हरियाणा में अपना पहला साल पूरा किया है। उन्होंने सीएम बनने के बाद से ही आम जनता के लिए अपनी उपलब्धता को बढ़ाया है। चाहे देर रात हो या दिन के समय, जब भी कोई व्यक्ति उनके सरकारी निवास पर मिलने आता है, वह सीएम नायब सिंह सैनी से मिलते हैं। दीवाली 2025 पर भी उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि लोग उन्हें आसानी से मिल सकें और अपनी समस्याएं साझा कर सकें।
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सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नंबर और संपर्क की व्यवस्था
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आम जनता के साथ अपने जुड़ाव को बनाए रखने के लिए सार्वजनिक रूप से अपने नंबर जारी किए हैं। चंडीगढ़, करनाल, कुरुक्षेत्र और लाडवा में भी नंबर जारी किए गए हैं, ताकि लोग सीधे मुख्यमंत्री से मिल सकें और अपनी समस्याओं का समाधान पा सकें। यह पहल नायब सैनी के व्यक्तिगत संपर्क और लोकप्रियता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
राजनीतिक विरासत को सहेजने की दिशा में एक कदम और
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पहले ही खुद को आम जनता के बीच रखने की आदत बना ली है। वह अपने राजनीतिक करियर में हमेशा जनता के करीब रहने की कोशिश करते हैं। अब, वह हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्रियों की राजनीतिक विरासत को सहेजते हुए, राज्य के विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। उनके इस नेतृत्व की दिशा ने उन्हें राज्य की राजनीति में एक मजबूत पहचान दी है।