राजस्थान में वसुंधरा राजे और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अंता विधानसभा उपचुनाव में एक साथ रोड शो किया, बीजेपी की एकजुटता का संदेश दिया। जानें पूरी खबर।
राजस्थान की राजनीति में एक नया मोड़ देखा गया जब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने पहली बार एक मंच पर साथ दिखाई दिए। यह दृश्य राजस्थान BJP की एकजुटता का प्रतीक बना, विशेष रूप से तब जब पार्टी के भीतर अक्सर आपसी समीकरणों पर सवाल उठते रहे हैं। दोनों नेता अंता विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान बीजेपी उम्मीदवार मोरपाल सुमन के समर्थन में मांगरोल कस्बे में संयुक्त रोड शो करते नजर आए।
रोड शो में भाजपा की एकता की तस्वीर
मांगरोल कस्बे में आयोजित 2.5 किलोमीटर लंबा रोड शो हजारों समर्थकों से भरा था। इस शो में 50 से अधिक स्वागत द्वार बनाए गए थे और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने दोनों नेताओं पर पुष्पवर्षा की। रोड शो सुभाष चौक से शुरू होकर सीसवाली तिराहे तक पहुंचा, जिसमें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, वसुंधरा राजे, प्रदेश अध्यक्ष मदान राठौड़, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा और उम्मीदवार मोरपाल सुमन एक खुली छत वाली गाड़ी पर सवार होकर जनता का अभिवादन करते दिखे।
बीजेपी नेताओं के अनुसार, यह कार्यक्रम 11 नवंबर को होने वाले मतदान से पहले पार्टी की मजबूती और एकजुटता का संदेश देने के लिए आयोजित किया गया था।
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भजनलाल शर्मा ने किया रोजगार का वादा
रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में किए गए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए युवाओं को रोजगार देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चार लाख नौकरियां देने के लिए प्रतिबद्ध है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए शर्मा ने कहा कि उनकी सरकार गरीबों और किसानों के कल्याण पर काम कर रही है, जबकि कांग्रेस के कार्यकाल में केवल भ्रष्टाचार और झूठ का बोलबाला था। शर्मा ने यह भी कहा कि उनकी सरकार के दो सालों में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ, जबकि कांग्रेस सरकार के दौरान यह समस्या लगातार रही।
वसुंधरा राजे ने किसानों के मुद्दे उठाए
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपने संबोधन में किसानों की समस्याओं को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सामने रखा। उन्होंने कहा कि किसानों को कम मुआवजा मिल रहा है क्योंकि फसल नुकसान को एसडीआरएफ मानदंडों से बाहर रखा जा रहा है। राजे ने यह मांग की कि इस नुकसान को मान्यता दी जाए ताकि किसानों को उचित मुआवजा मिल सके। इसके अलावा, राजे ने पार्वती नदी से बजरी निकासी से जुड़े मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया, जिस पर शर्मा ने आश्वासन दिया कि सरकार इस पर विचार करेगी।
अंता विधानसभा उपचुनाव पर नजरें
अंता विधानसभा उपचुनाव 11 नवंबर को होगा, जबकि 14 नवंबर को मतगणना की जाएगी। बीजेपी ने मोरपाल सुमन को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस से पूर्व मंत्री प्रमोद जैन मैदान में हैं। यह सीट बीजेपी विधायक कंवरलाल मीणा की अयोग्यता के कारण रिक्त हुई थी।