मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी में एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं को कड़ी हिदायत दी है। उन्होंने विशेष रूप से प्रदेश के कुछ जिलों में बाहरी लोगों और अवैध प्रवासियों के नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने की शिकायतों पर ध्यान देने को कहा है। रविवार को अलीगढ़ में बीजेपी कार्यकर्ताओं से मुलाकात के दौरान सीएम योगी ने एसआईआर की प्रक्रिया में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए और सुनिश्चित किया कि इस प्रक्रिया के दौरान कोई भी फर्जी वोटर लिस्ट में न जुड़ने पाए।
एसआईआर के दौरान सतर्कता की आवश्यकता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीजेपी के जिला अध्यक्ष कृष्णपाल सिंह और अन्य पदाधिकारियों से मुलाकात करते हुए कहा कि एसआईआर के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार के फर्जी वोटर का नाम लिस्ट में न आए। उन्होंने यह भी कहा कि मेरठ और मुजफ्फरनगर से फर्जी वोट जोड़ने की शिकायतें आ रही हैं, और ऐसे मामलों पर प्रशासन को तुरंत जानकारी देनी चाहिए।
also read: उत्तर प्रदेश में घुसपैठियों और रोहिंग्याओं पर मुख्यमंत्री…
फर्जी वोटिंग को लेकर कड़ी हिदायत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “वोटर लिस्ट में एक भी फर्जी नाम नहीं होना चाहिए। एसआईआर का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को सुनिश्चित करना है, इसलिए इसमें कोई भी गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए।” उन्होंने कार्यकर्ताओं को इस प्रक्रिया को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया और बाकी सभी कामों को इस पर केंद्रित करने को कहा।
बीजेपी कार्यकर्ताओं को सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीजेपी कार्यकर्ताओं से यह भी कहा कि वह पूरी तत्परता के साथ एसआईआर की प्रक्रिया में जुटें और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विपक्षी दल इस मामले में चुपके से अपने समर्थकों के नाम जोड़ने में लगे हुए हैं, इसलिए बीजेपी कार्यकर्ताओं को पूरी सतर्कता से इस पर निगरानी रखनी होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट संदेश
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो पाए हैं, उन्हें जल्द से जल्द दर्ज किया जाएगा, ताकि किसी पात्र व्यक्ति का अधिकार न मारे। इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं को स्थानीय मुद्दों पर भी जागरूक रहने और जनता से सीधा संवाद बनाए रखने की सलाह दी।
एसआईआर की अहमियत पर जोर
बता दें कि हाल ही में लखनऊ में आयोजित एक बैठक में यह सामने आया था कि बीजेपी कार्यकर्ता एसआईआर प्रक्रिया को लेकर लापरवाह हो रहे थे, जिसके बाद सीएम योगी ने इस पर कड़ी कार्रवाई का संकेत दिया।