पंजाब स्वास्थ्य योजना
हरियाणा में आयुष्मान भारत योजना के तहत सेवाओं पर संकट गहराया। बलतेज पन्नू ने नायब सैनी सरकार की आलोचना की और स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने की अपील की।
हरियाणा में आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर संकट की स्थिति बनती नजर आ रही है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने राज्य सरकार को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि बकाया भुगतान न होने के कारण निजी अस्पताल आयुष्मान कार्ड धारकों का इलाज बंद कर सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, भुगतान में लगातार हो रही देरी के चलते कई निजी अस्पतालों ने संकेत दिया है कि वे जल्द ही इस योजना के तहत मरीजों का इलाज बंद कर सकते हैं, जिससे आम लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
इस बीच, पंजाब सरकार का दावा है कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत राज्य में प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है और लाखों परिवार इस योजना से जुड़ चुके हैं।
ਹਰਿਆਣਾ ‘ਚ ਮੁਫ਼ਤ ਇਲਾਜ ਦੀ ਸੁਵਿਧਾ ਖ਼ਤਮ ਹੋਣ ਕਿਨਾਰੇ!
ਇੰਡੀਅਨ ਮੈਡੀਕਲ ਐਸੋਸੀਏਸ਼ਨ ਵੱਲੋਂ ਦਿੱਤੀ ਚਿਤਾਵਨੀ ਸਾਬਤ ਕਰਦੀ ਹੈ ਕਿ ਹਰਿਆਣਾ ‘ਚ ਭਾਜਪਾ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਮੁਫ਼ਤ ਸਿਹਤ ਸਹੂਲਤਾਂ ਤੋਂ ਪੱਲਾ ਝਾੜ ਲਿਆ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦੇ ਉਲਟ ਪੰਜਾਬ ‘ਚ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ₹10 ਲੱਖ ਵਾਲ਼ੇ ਕਾਰਡ ਰਾਹੀਂ ਸੂਬੇ ਦੇ ਹਰ ਪਰਿਵਾਰ ਦਾ ਮੁਫ਼ਤ ਇਲਾਜ ਦਾ ਹੱਕ ਪੱਕਾ… pic.twitter.com/dTqAdBlfUd
— AAP Punjab (@AAPPunjab) April 11, 2026
इसी मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के महासचिव बलतेज पन्नू ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अक्सर पंजाब सरकार के कामकाज पर टिप्पणी करते हैं, लेकिन अपने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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पन्नू ने आरोप लगाया कि हरियाणा में आयुष्मान भारत योजना की स्थिति कमजोर हो चुकी है और स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर दबाव में हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि वे राजनीतिक बयानबाजी के बजाय राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने पर ध्यान केंद्रित करें।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय रहते भुगतान और प्रशासनिक समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आम जनता को स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री सेहत योजना: 2.5 महीनों में 35 लाख पंजाबी हुए रजिस्टर, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दी जानकारी
पंजाब की मुख्यमंत्री सेहत योजना में 2.5 महीनों में 35 लाख से अधिक पंजाबी पंजीकृत, ग्रामीण क्षेत्रों से 24 लाख रजिस्ट्रेशन। ₹10 लाख कैशलेस कवर के साथ मुख्यमंत्री भगवंत मान की योजना राज्यभर में लोकप्रिय।
पंजाब की प्रमुख स्वास्थ्य योजना, मुख्यमंत्री सेहत योजना ने अब तक अभूतपूर्व प्रतिक्रिया दर्ज की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि केवल 2.5 महीनों में 35 लाख से अधिक लोग इस योजना के तहत पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें से लगभग 24 लाख पंजीकरण ग्रामीण क्षेत्रों से आए हैं, जो योजना की व्यापक पहुँच को दर्शाता है।
Mukh Mantri Sehat Yojna sees massive uptake, 35 lakh registrations so far.
🔸 More than 35 lakh Punjabis enrolled in 2.5 months, with ~24 lakh from rural areas
🔸 Top districts: Ludhiana, followed by Patiala, Jalandhar, Hoshiarpur, Gurdaspur.
🔸 With ₹10 lakh cashless… pic.twitter.com/0y8WEw3dKK
— AAP Punjab (@AAPPunjab) April 9, 2026
प्रमुख जिले
सबसे अधिक पंजीकरण वाले जिले हैं लुधियाना, इसके बाद पटियाला, जालंधर, होशियारपुर और गुरदासपुर। यह दर्शाता है कि यह स्वास्थ्य योजना राज्यभर में तेजी से अपनाई जा रही है।
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सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज
प्रत्येक परिवार को ₹10 लाख कैशलेस कवर उपलब्ध है और इसमें किसी भी आय या वर्ग पर कोई रोक नहीं है। मुख्यमंत्री सेहत योजना पंजाब में सार्वभौमिक स्वास्थ्य मॉडल के रूप में उभर रही है। यह योजना परिवारों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं बिना वित्तीय बोझ के उपलब्ध कराती है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान का संदेश
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि योजना की पारदर्शी, समावेशी और आसान पंजीकरण प्रक्रिया इसकी सफलता की मुख्य वजह है। सरकार का उद्देश्य है कि हर पात्र परिवार इस स्वास्थ्य पहल का लाभ उठाए, और पंजाब में सभी के लिए सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जाएं।
यह पहल पंजाब के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखी जा रही है, जो लाखों परिवारों को वित्तीय सुरक्षा और चिकित्सा सुविधा प्रदान करती है।
मुख्यमंत्री सेहत योजना: ₹10 लाख के कैशलेस कवर से माताओं और नवजात शिशुओं को जन्म के पहले घंटों से ही गहन इलाज मिलना सुनिश्चित
एक पिता के लिए बड़ी राहत: मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत चार महीने की ‘दिलजोत’ को मिला ₹2.77 लाख का इलाज कवर ; केवल तीन महीनों में 6,000 से अधिक नवजात बच्चों का इलाज
मुख्यमंत्री सेहत योजना (MMSY) के प्रारंभ के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा था, “इलाज की चिंता करें , बिल की नहीं। सरकार आपकी जेब बनेगी।”अबोहर में रशप्रीत कौर और भारत कुमार के घर जन्मी चार महीने की दिलजोत जैसे परिवारों के लिए ये शब्द बहुत मायने रखते हैं।
दिलजोत को गंभीर संक्रमण और वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट (दिल में छेद) की समस्या पाई गई, जो जन्म से पहले विकसित होती है।
उसके अभिभावक उसे इलाज के लिए बठिंडा ले गए, उनका एकमात्र उद्देश्य उसे जीवित रखना था। गहन चिकित्सा का खर्च बहुत भारी था, लेकिन मुख्यमंत्री सेहत योजना से मिली मदद के बाद स्थिति संभल गई। दिलजोत को विशेष चिकित्सा देखभाल मिली, जिसमें चौबीस घंटे निगरानी शामिल थी, और उसके परिवार को एक दिन भी पैसों की चिंता नहीं करनी पड़ी।
भारत कुमार, जो अबोहर में एक छोटा सैलून चलाते हैं, ने कहा, “डॉक्टरों ने मुझे बताया कि मेरी बेटी के दिल में छेद है। उसका इलाज दो अलग-अलग अस्पतालों में हुआ और सेहत कार्ड के तहत ₹2.77 लाख का पूरा खर्च कवर हो गया।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चल रही यह योजना सुनिश्चित करती है कि किसी भी परिवार को स्वास्थ्य और आर्थिक बोझ में से किसी एक का चुनाव न करना पड़े।
मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत, हर माँ और नवजात को सालाना ₹10 लाख तक का कैशलेस इलाज मिल सकता है, चाहे वह सरकारी अस्पताल हो या सूचीबद्ध निजी अस्पताल, और यह सुविधा बच्चे के जीवन के शुरुआती घंटों से ही उपलब्ध होती है।
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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह ने कहा, “हम गाँवों में कार्यक्रम चला रहे हैं ताकि परिवार समय पर जाँच कराएं और इलाज में देरी न करें।” पिछले तीन महीनों में ही 6,000 से अधिक नवजात मामलों का इलाज मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत किया गया है, जो नवजात शिशुओं को समय पर चिकित्सा देखभाल प्रदान करने में योजना की बढ़ती पहुँच को दर्शाता है। यह योजना जन्म के समय कम वजन, समय से पहले जन्म, संक्रमण और अन्य नवजात जटिलताओं के इलाज में मदद करती है ;और मातृ व प्रसवोत्तर सेहत सेवाओं को मजबूत बनाती है।
दिलजोत का मामला अकेला नहीं है।
पूरे पंजाब में अब परिवार नवजात शिशुओं को शुरुआती दिनों में ही इलाज के लिए अस्पताल ला रहे हैं, क्योंकि उन्हें भरोसा है कि खर्च उन्हें नहीं उठाना पड़ेगा l
बठिंडा के अग्रवाल अस्पताल में एक नवजात, जिसे गंभीर पीलिया के साथ साँस लेने में दिक्कत थी, का ₹1 लाख खर्च का इलाज पूरी तरह मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कवर हुआ।
पटियाला के गढ़ाया गाँव के मनकीरत सिंह को जन्म के कुछ दिनों बाद पीलिया और साँस की समस्या के लिए इलाज की जरूरत थी।उनके पिता, बलविंदर सिंह ने कहा, “मेरे बेटे का जन्म 25 मार्च को हुआ था और उसे कुछ स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएँ थीं। हम उसके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित थे, लेकिन इससे भी ज्यादा चिंता हमें इस बात की थी कि हम इलाज का खर्च कैसे उठाएंगे l मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की योजना का धन्यवाद, कि इलाज का पूरा खर्च कवर हो गया।”
फरीदकोट के कोटकपूरा की बिमला रानी ने हाल ही में एक बच्चे को जन्म दिया, जिसे नवजात देखभाल की जरूरत थी। उनके परिवार के एक सदस्य के मुताबिक उनका अठारह दिन का बच्चा अब सुरक्षित रूप से मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत इलाज पा रहा है।
ये मामले एक बढ़ती हुई प्रवृत्ति को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री सेहत योजना के शुभारंभ के बाद, पूरे पंजाब से अधिकांश परिवार माताओं और नवजात शिशुओं को पहले 72 घंटों के भीतर अस्पताल ला रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य परिणाम बेहतर हो रहे हैं और देरी से बढ़ने वाली जटिलताएँ कम हो रही हैं।
पंजाब सरकार, निवासियों को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है कि वे निर्धारित केंद्रों और जमीनी स्तर पर लगाए जा रहे शिविरों के माध्यम से सेहत कार्ड के लिए नामांकन करवाएं , ताकि मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कैशलेस इलाज का लाभ उठा सकें।
‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ राज्य के परिवारों को जानलेवा डॉक्टरी आपातकाल में समय पर इलाज मुहैया करवाने में सहायक
दिल की बीमारियों से लेकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज; आपातकालीन स्थितियों में सहायता प्रदान कर रही ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ *
पंजाब की प्रमुख मुख्यमंत्री सेहत योजना स्वास्थ्य सुरक्षा की महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में उभर रही है, जो प्रति परिवार 10 लाख रुपये की कवरेज प्रदान करती है और अचानक डॉक्टरी आपातकाल के दौरान वित्तीय बोझ को कम करते हुए समय पर इलाज लेने में सक्षम बनाती है। कई बीमारियां जैसे दिल का दौरा, कैंसर और जन्म संबंधी जटिलताएं किसी भी समय हमला कर सकती हैं, इसलिए पंजाब सरकार का दृष्टिकोण व्यापक स्तर पर जन स्वास्थ्य हस्तक्षेप के माध्यम से डॉक्टरी जरूरत और किफायती इलाज के बीच के अंतर को पूरा करने पर केंद्रित है।
दिल का दौरा, कैंसर और जन्म संबंधी जटिलताएं जैसी बीमारियां बिना किसी चेतावनी के हमला कर सकती हैं, जिससे अचानक गंभीर लक्षण पैदा होते हैं और गंभीर जटिलताओं को रोकने के लिए तुरंत डॉक्टरी सहायता की जरूरत होती है। यह सुझाव देता है कि ऐसी स्वास्थ्य स्थितियां अक्सर गुप्त रूप से विकसित होती हैं और बिना किसी चेतावनी के हमला करती हैं, जिसके संबंध में फैसला लेने के लिए बहुत कम समय बचता है। पंजाब में इस बढ़ती चिंता को वित्तीय तैयारी के माध्यम से देखा जा रहा है, मुख्यमंत्री सेहत योजना जैसी सरकार-समर्थित पहल का उद्देश्य डॉक्टरी जरूरत और किफायती इलाज के बीच के अंतर को पूरा करना है।
पंजाब सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अनुसार मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में चल रही यह योजना हर परिवार को प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज प्रदान करती है। यह योजना सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में 2,300 से अधिक बीमारियों का इलाज कवर करती है।
बड़ी और गंभीर बीमारियों की छिपी शुरुआत को उजागर करते हुए विश्व स्वास्थ्य आंकड़े समय पर फैसला लेने की जरूरत को दर्शाते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दिल की बीमारी, कैंसर, डायबिटीज और सांस लेने की समस्या जैसी बीमारियां हर साल विश्व भर में लगभग 75 प्रतिशत मौतों का कारण बनती हैं और बहुत से पीड़ितों को यह भी नहीं पता होता कि वे जोखिम में हैं। मोहाली के जिला अस्पताल की मेडिसिन की मेडिकल ऑफिसर डॉ. ईशा अरोड़ा ने कहा कि जब तक मरीज हमारे पास आते हैं, बीमारी अक्सर अगले चरण तक पहुंच जाती है। उन्होंने आगे कहा कि शुरुआत में ही बीमारी का पता लगाने से बेहतर नतीजों में मदद मिल सकती है, लेकिन इसे अभी भी प्राथमिकता नहीं दी जाती। उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा नियमित जांचें बहुत कम करवाई जाती हैं क्योंकि लक्षणों का पता न लगना उनमें सुरक्षित होने की गलत भावना पैदा कर देता है।
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डॉक्टरी विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि जब आपातकाल आता है, तो समय सबसे महत्वपूर्ण कारक बन जाता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार दिल के दौरे या स्ट्रोक के इलाज में कुछ मिनटों की देरी भी स्थायी नुकसान का कारण बन सकती है और यहां तक कि जान भी ले सकती है। डॉक्टर बताते हैं कि ऐसे पलों में मरीज आम तौर पर झिझक महसूस करते हैं। डॉ. ईशा अरोड़ा ने कहा कि इलाज शुरू होने से पहले ही परिवार अक्सर खर्चे पर विचार करने लग पड़ते हैं और यह देरी खतरनाक हो सकती है। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री सेहत योजना जैसी वित्तीय सुरक्षा योजनाओं से एक परिवर्तनकारी भूमिका निभाने की उम्मीद की जाती है।
इस योजना को कवरेज से लेकर वास्तविक देखभाल डिलीवरी तक पंजाब भर में काफी बढ़ावा मिला है। अधिकारियों का कहना है कि 33 लाख से अधिक परिवारों को इस योजना के तहत नामांकित किया गया है, जिसमें खासकर डायलिसिस, कैंसर और दिल जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लाखों मरीज अस्पतालों में भर्ती हुए हैं। पंजाब की राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार इस योजना के तहत 33 लाख से अधिक लाभार्थियों को सफलतापूर्वक रजिस्टर किया गया है और 1,98,793 मुफ्त इलाजों को मंजूरी दी गई है, जिसकी राशि लगभग 3,30,01,32,533 रुपये बनती है। इस कुल राशि में से 59,34,18,468 रुपये पहले ही अस्पतालों को वितरित किए जा चुके हैं। हर उम्र वर्ग के लोगों, खास तौर पर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, ने इस स्कीम से लाभ उठाया है, जिसमें दिल की सर्जरी और कैंसर की देखभाल जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, इस पहल ने कई परिवारों के महंगे इलाज के खर्च को कम करने में मदद की है, जिनके लिए पहले उन्हें उधार लेना पड़ता था या संपत्ति बेचनी पड़ती थी। भारतीय संदर्भ में यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जहां राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय और सरकार द्वारा समर्थित अध्ययनों में यह सामने आया है कि कुल स्वास्थ्य देखभाल खर्च का लगभग 47 प्रतिशत लोगों की जेब से ही खर्च होता है।
प्रारंभिक संकेत जमीनी स्तर पर उत्साहजनक रुझानों की ओर इशारा करते हैं, हालांकि व्यापक मूल्यांकन अभी जारी है। इनमें मरीजों की अस्पताल में इलाज कराने की इच्छा में वृद्धि, आपातकालीन भर्ती में कम देरी और कुछ मामलों में शुरुआती चरण में जांच करवाने की प्रवृत्ति शामिल है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना पूरे राज्य में समान स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक प्रयास का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी परिवार को आर्थिक कठिनाइयों के कारण इलाज में देरी का सामना न करना पड़े। हम कवरेज बढ़ाने, अस्पताल नेटवर्क को बेहतर बनाने और क्रियान्वयन को और मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं।
नामांकन अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है और राज्य स्वास्थ्य एजेंसी लक्षित जागरूकता अभियानों पर ध्यान केंद्रित कर रही है ताकि लाभार्थियों को यह समझाया जा सके कि इस योजना का उपयोग कैसे और कब करना है। क्रियान्वयन की निगरानी कर रहे अधिकारियों ने बताया कि जागरूकता बढ़ाने, दावों की प्रक्रिया को सरल बनाने और अस्पतालों तथा मरीजों दोनों के लिए एक सुगम और अधिक सुलभ अनुभव सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
इसके साथ ही, विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि निवारक स्वास्थ्य देखभाल अभी भी एक महत्वपूर्ण कमी बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित जांच, शुरुआती परीक्षण और जोखिम कारकों की निगरानी अभी भी सीमित है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के आंकड़े बताते हैं कि ग्रामीण वयस्कों में से केवल एक चौथाई ने ही बुनियादी स्वास्थ्य जांच करवाई है, जबकि महिलाओं में कैंसर स्क्रीनिंग की दर 2 प्रतिशत से भी कम है। बीमारी का पता चलने पर स्वास्थ्य बीमा सुरक्षा कवच प्रदान करता है।
स्वास्थ्य आपातकाल की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती, लेकिन तैयारी को मजबूत किया जा सकता है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से वित्तीय सुरक्षा, बढ़ी हुई जागरूकता और निवारक देखभाल पर ध्यान केंद्रित करने से पंजाब में स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूती मिल रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब बीमारी बिना किसी चेतावनी के हमला करती है, तो इलाज मिलने में देरी और समय पर देखभाल के बीच का अंतर अक्सर ठीक होने और लंबे समय तक बीमारी के बने रहने के परिणामों को तय करता है। इसलिए, तैयारी केवल एक नीतिगत प्राथमिकता नहीं, बल्कि एक आवश्यकता बन जाती है।
पंजाब मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 1,77,097 लोगों का इलाज, 100+ हृदय रोगियों का पटियाला मेडिकल कॉलेज में मुफ्त इलाज, 30 लाख+ रजिस्ट्रेशन और ₹267 करोड़ का मुफ्त इलाज प्रदान।
पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में लागू की गई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना (CMHS) ने स्वास्थ्य क्षेत्र में नए मानक स्थापित किए हैं। कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि अब तक 1,77,097 लोगों का सफल इलाज किया जा चुका है, जिसमें पटियाला मेडिकल कॉलेज में 100 से अधिक हृदय रोगियों का इलाज शामिल है।
ਪੂਰੇ ਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਕਿਸੇ ਸਕੀਮ ਲਈ ਹੋਈ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਰਜਿਸਟ੍ਰੇਸ਼ਨ !!
ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ ਡਾ. ਬਲਬੀਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸਿਹਤ ਯੋਜਨਾ ਦੇ ਅੰਕੜੇ ਕੀਤੇ ਸਾਂਝੇ
👉 ਹੁਣ ਤੱਕ ਹੋਈਆਂ 30,51,325 ਰਜਿਸਟ੍ਰੇਸ਼ਨਾਂ
👉 ₹267 ਕਰੋੜ ਦਾ ਹੋ ਚੁੱਕਾ ਹੀ ਇਲਾਜ
👉 71 ਹਜ਼ਾਰ ਕਲੇਮਾਂ ਲਈ ਕੀਤੀ ਜਾ ਚੁੱਕੀ ਹੈ 60 ਕਰੋੜ ਦੀ ਅਦਾਇਗੀ
👉 15… pic.twitter.com/6wZIDlvfFf— AAP Punjab (@AAPPunjab) March 27, 2026
डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि इस योजना के तहत अब तक 30,51,325 रजिस्ट्रेशन पूरे किए गए हैं, और लोगों को ₹267 करोड़ से अधिक का मुफ्त इलाज प्रदान किया गया है। इसके अलावा, 71,000 क्लेम्स के लिए ₹60 करोड़ का भुगतान भी किया गया है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सभी अस्पतालों के बकाया भुगतान 15 अप्रैल तक निपटा दिए जाएंगे।
मंत्री ने कहा कि इस योजना ने पंजाब के नागरिकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने में अभूतपूर्व काम किया है। CMHS ने न केवल राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत किया है, बल्कि समय पर इलाज और राहत भी सुनिश्चित की है। इस योजना के कारण पंजाब देश में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक मिसाल बन गया है।
मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत मोगा की 98 वर्षीय महिला को कैंसर का कैशलेस इलाज मिला। पंजाब सरकार बुजुर्गों को सम्मानजनक और आर्थिक बोझ से मुक्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रही है।
सुलभ और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि समाज के सबसे कमजोर वर्गों को भी बिना किसी आर्थिक बोझ के समय पर इलाज मिल सके। इसी क्रम में मोगा की 98 वर्षीय महिला को मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कैंसर का कैशलेस इलाज मिला।
मुख्यमंत्री सेहत योजना की सबसे वरिष्ठ लाभार्थियों में से एक मुख्तियार कौर ने कीमोथेरेपी से संबंधित विशेष उपचार प्राप्त किया, जिसका पूरा खर्च सेहत कार्ड के तहत वहन किया गया। इस उम्र में जहां निरंतर चिकित्सा देखभाल अत्यंत आवश्यक होती है, वहां कैशलेस उपचार की उपलब्धता ने यह सुनिश्चित किया कि उपचार से जुड़े निर्णय केवल चिकित्सकीय आवश्यकता के आधार पर लिए जाएं, न कि आर्थिक स्थिति के आधार पर।
इस उपचार में उन्नत दवाओं और सहायक चिकित्सा का उपयोग किया गया, जिसके लिए निरंतर निगरानी और समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप आवश्यक था। अस्पताल में सेहत कार्ड की पुष्टि होते ही उपचार बिना किसी देरी के शुरू कर दिया गया, जिससे देखभाल की निरंतरता बनी रही।
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बुजुर्ग परिजनों की देखभाल करने वाले परिवारों के लिए बार-बार अस्पताल जाना और विशेष उपचार का खर्च अक्सर एक बड़ी चिंता बन जाता है। मुख्यमंत्री सेहत योजना इस समस्या का समाधान करते हुए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को आसान बना रही है, जिससे परिवार पूरी तरह मरीज की देखभाल और स्वास्थ्य लाभ पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
मुख्यमंत्री सेहत योजना के प्रभाव को रेखांकित करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में मुख्यमंत्री सेहत योजना यह सुनिश्चित कर रही है कि पंजाब के बुजुर्ग मरीजों को बिना किसी आर्थिक कठिनाई के समय पर और आवश्यक चिकित्सा सेवाएं मिलें, साथ ही उनकी गरिमा भी बनी रहे। जीवन के इस चरण में उपचार तक पहुंच अत्यंत महत्वपूर्ण है और यह योजना परिवारों को आत्मविश्वास के साथ यह देखभाल सुनिश्चित करने में सक्षम बना रही है।”
मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत प्रत्येक परिवार को प्रति वर्ष ₹10 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवर प्रदान किया जाता है, जिससे लाभार्थी पंजाब भर के सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में उपचार प्राप्त कर सकते हैं।
अब तक 9 लाख से अधिक सेहत कार्ड जारी किए जा चुके हैं और लाभार्थी 900 से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों में 2300 से अधिक उपचार पैकेजों के तहत इलाज प्राप्त कर रहे हैं। पंजाब सरकार नागरिकों को निर्धारित केंद्रों पर सेहत कार्ड बनवाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, ताकि वे इस योजना के तहत कैशलेस स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकें।
पंजाब सरकार ने पूरी की 4 साल की कामयाब अवधि: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार में किया बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब में 4 साल पूरे किए। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार और महिला सशक्तिकरण में बड़ी उपलब्धियां। सरकारी नौकरियां, मुफ्त बिजली और ड्रग-फ्री पंजाब के लिए ऐतिहासिक कदम।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने अपने कार्यकाल के चार साल पूरे कर लिए हैं। इस दौरान राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और महिलाओं के सशक्तिकरण के क्षेत्र में कई अहम कदम उठाए गए हैं। सरकार ने चुनावी वादों को पूरा करते हुए पंजाब को विकास की नई दिशा दी है।
शिक्षा और रोजगार
पंजाब की सरकारी स्कूलों ने पूरे देश में शीर्ष रैंक हासिल की है। अब राज्य में 9,000 से अधिक स्मार्ट क्लासरूम और 15,000 स्थायी शिक्षक कार्यरत हैं। साथ ही, बिना किसी सिफारिश के 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
स्वास्थ्य और सुरक्षा
राज्य में अब 983 कॉमन मैन क्लिनिक हैं, जो 5 करोड़ से अधिक OPD सेवा प्रदान कर रहे हैं। स्वास्थ्य योजना के तहत ₹10 लाख तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध है। पंजाब ने देश की पहली रोड सेफ्टी फोर्स भी शुरू की है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में 50% की कमी आई है।
ਪਿਆਰੇ ਪੰਜਾਬੀਓ, ਤੁਹਾਡੀ ਆਪਣੀ ਸਰਕਾਰ ਦੇ 4 ਸਾਲ ਬੇਮਿਸਾਲ.. ਜੋ ਕਿਹਾ, ਉਹ ਕਰ ਦਿਖਾਇਆ। ‘ਰੰਗਲਾ ਪੰਜਾਬ’ ਵੱਲ ਸਾਡੇ ਇਤਿਹਾਸਕ ਕਦਮ
ਸਿੱਖਿਆ ਤੇ ਰੁਜ਼ਗਾਰ, ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਰਕਾਰੀ ਸਕੂਲ ਦੇਸ਼ ‘ਚ ਨੰ. 1। 9000+ ਸਮਾਰਟ ਕਲਾਸਾਂ, 15000+ ਅਧਿਆਪਕ ਪੱਕੇ। ਬਿਨਾਂ ਸਿਫ਼ਾਰਸ਼ 65,000 ਤੋਂ ਵੱਧ ਸਰਕਾਰੀ ਨੌਕਰੀਆਂ।
ਸਿਹਤ ਤੇ ਸੁਰੱਖਿਆ, 983 ਆਮ ਆਦਮੀ… pic.twitter.com/0TbhUcXtw7— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) March 16, 2026
कृषि और ग्रामीण विकास
सिंचाई में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। अब 78% खेतों तक नहर का पानी पहुंच रहा है, जबकि 2022 में यह मात्र 26% था। गन्ना किसानों को देश में सबसे अधिक दर ₹416 प्रति क्विंटल प्राप्त हुई। साथ ही, सिंचाई के लिए 8 घंटे बिजली की निर्बाध सुविधा उपलब्ध कराई गई।
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बिजली और उद्योग
राज्य के 90% घरों की बिजली बिल शून्य कर दी गई है। राज्य सरकार ने पहले निजी प्लांट को खरीदा। इसके अलावा, ₹1.55 लाख करोड़ के रिकॉर्ड निवेश से 5.5 लाख निजी नौकरियां सृजित हुई हैं।
महिला सशक्तिकरण
‘मुख्यमंत्री माताएं-बेटियां सम्मान योजना’ के तहत महिलाओं को मासिक ₹1,000 और अनुसूचित जाति बहनों को ₹1,500 का लाभ दिया जा रहा है। महिलाओं को राज्य बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा भी दी गई है।
कानून और ड्रग-फ्री पंजाब
राज्य में 92,264 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया और 5,480 किग्रा हेरोइन जब्त की गई। 14,722 गुनहगारों को पकड़ा गया, जिससे कानून-व्यवस्था मजबूत हुई।
भ्रष्टाचार मुक्त शासन और नागरिक सुविधाएं
राज्य में 406 सरकारी सेवाएं घर पर 1076 हेल्पलाइन के माध्यम से प्रदान की जा रही हैं। शहीदों का सम्मान बनाए रखना भी सरकार की प्राथमिकता में शामिल है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इन चार वर्षों में पंजाब ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और रोजगार के क्षेत्र में अभूतपूर्व सुधार किए हैं और यह “रंगीन पंजाब” की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने नव पदोन्नत एसएमओ के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया। प्रशिक्षण में अधिकारियों को मुख्यमंत्री सेहत योजना सहित स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन और जनता को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
पंजाब के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आज नव पदोन्नत वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों (एसएमओ) के लिए दो दिवसीय क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों को जिला और ब्लॉक स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य वितरण प्रणाली को मजबूत करने और उनकी प्रशासनिक, प्रबंधकीय एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन क्षमताओं को बढ़ाना है।
डॉ. बलबीर सिंह ने पदोन्नत अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य की प्रमुख स्वास्थ्य योजनाओं की सफलता जमीनी स्तर पर इन अधिकारियों के नेतृत्व, पर्यवेक्षण और प्रतिबद्धता पर निर्भर करती है। उन्होंने एसएमओ को मुख्यमंत्री सेहत योजना (एमएमएसवाई) सहित सभी स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन और लाभार्थियों के 100% नामांकन व समय पर कार्ड वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
ਅੱਜ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਵਿਖੇ ਸਿਹਤ ਵਿਭਾਗ ਵਿੱਚ ਨਵੇਂ ਪ੍ਰਮੋਟ ਕੀਤੇ ਗਏ ਸੀਨੀਅਰ ਮੈਡੀਕਲ ਅਫਸਰਾਂ ਲਈ ਕਰਵਾਈ ਗਈ ਦੋ ਰੋਜ਼ਾ ਕਪੈਸਿਟੀ ਬਿਲਡਿੰਗ ਵਰਕਸ਼ਾਪ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਦਿਨ ਸ਼ਿਰਕਤ ਕਰਕੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਜ਼ਿਲ੍ਹਿਆਂ ਤੋਂ ਆਏ ਡਾਕਟਰਾਂ ਨਾਲ ਸੰਵਾਦ ਕੀਤਾ। ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਿਹਤ ਢਾਂਚੇ ਵਿੱਚ ਵਧ ਚੜ੍ਹ ਕੇ ਯੋਗਦਾਨ ਪਾਉਣ ਲਈ ਪ੍ਰੇਰਿਤ ਕੀਤਾ।ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ… pic.twitter.com/VazU1xdIRN
— Dr Balbir Singh (@AAPbalbir) February 24, 2026
स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को आम आदमी क्लीनिकों में दवाओं और निदान उपकरणों की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने, नई सुविधाओं की निगरानी और नशामुक्ति सेवाओं को मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी। इसके अलावा उन्होंने उन्हें उच्च रक्तचाप, मधुमेह और कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियों के लिए 30 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों की स्क्रीनिंग और टीबी मुक्त अभियान के तहत मामलों का निगरानी करने का भी निर्देश दिया।
डॉ. बलबीर सिंह ने डॉक्टरों को समुदाय के साथ संपर्क बनाने, नैतिक आचरण, मुस्कुराते हुए सेवा भाव, करुणा और सहानुभूति का महत्व समझाया और अधिकारियों से कहा कि वे स्वस्थ, नशामुक्त और सशक्त पंजाब के निर्माण में समर्पण और जवाबदेही के साथ काम करें।
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इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण निदेशक डॉ. हितिंदर कौर और स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ. अदिति सलारिया ने नव पदोन्नत एसएमओ को उनके कर्तव्यों के लिए प्रेरित किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान, वरिष्ठ अधिकारी डॉ. परविंदर कौर और अन्य राज्य कार्यक्रम अधिकारी स्वास्थ्य योजनाओं के सफल कार्यान्वयन और प्रबंधन संबंधी मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
डॉ. बलबीर सिंह ने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे समाज की सेवा में निष्ठा और लगन दिखाएँ, ताकि पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच बेहतर हो और राज्य का हर नागरिक सशक्त, स्वस्थ और नशामुक्त जीवन जी सके।
हर परिवार को 10 लाख तक कैशलैस इलाज: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दी ‘सेहत योजना’ की जानकारी
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ को लेकर फैल रही अफवाहों से सावधान रहने की अपील की। योजना के तहत पंजाब के हर परिवार को 10 लाख रुपये तक कैशलैस इलाज, 2600 बीमारियां कवर और अस्पतालों द्वारा पैसा मांगने पर सख्त कार्रवाई का ऐलान।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पंजाबवासियों से अपील की कि राज्य सरकार द्वारा हर परिवार के लिए शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के बारे में पंजाब विरोधी ताकतों द्वारा किए जा रहे दुष्प्रचार से गुमराह न हों।
एक वीडियो संदेश के माध्यम से लोगों को संबोधित करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार ने लोक भलाई वाली इस प्रमुख योजना की शुरुआत की है ताकि पंजाब के हर नागरिक, खास तौर पर समाज के कमजोर वर्गों को कैशलेस इलाज तक सीधी पहुंच मिल सके।”
इस पहल के बारे में बताते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, “लोगों को व्यापक स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ शुरू की है, जो देश में अपनी तरह की पहली योजना है। इसके तहत पंजाब का हर परिवार 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज करवा सकता है।”
इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि पंजाब व्यापक स्तर पर मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है। यह योजना लोगों पर वित्तीय बोझ को काफी कम करेगी और साथ ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को सुनिश्चित करेगी।”
इस योजना में रजिस्ट्रेशन के बारे में जानकारी देते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस ऐतिहासिक कदम का उद्देश्य राज्य के सभी परिवारों को कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। सभी सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी और अन्य नागरिक स्वास्थ्य कार्ड के लिए पात्र हैं। यह स्वास्थ्य कार्ड सुविधा केंद्रों और कॉमन सर्विस सेंटरों से या आधार कार्ड या वोटर कार्ड का उपयोग करके ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है।”
लोगों से मिल रहे उत्साह का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना का पंजाब के लोगों ने भरपूर स्वागत किया है और लोग इस योजना का लाभ लेने के लिए बड़ी संख्या में आगे आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल ने उन परिवारों को बड़ी राहत पहुंचाई है, जिन्हें पहले बीमारी के इलाज का भारी खर्च अपनी जेब से देना पड़ता था।
मुख्यमंत्री ने भ्राम जानकारी फैलाने के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि कुछ पंजाब विरोधी ताकतें, जो नहीं चाहतीं कि राज्य के लोगों को ऐसी सुविधाएं मिलें, जानबूझकर इस प्रमुख योजना के बारे में झूठ फैला रही हैं।
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उन्होंने आगे कहा कि विपक्षियों द्वारा योजना को लेकर की जा रही बेतुकी बयानबाजी का मकसद लोगों को इस योजना से सिर्फ निराश करना है, जो पूरी तरह से गैर-वाजिब और अनुचित है।
अस्पतालों को पैनल में शामिल करने की प्रक्रिया को स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार ने इस योजना के तहत अधिक से अधिक निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया है और इस योजना के तहत सरकार ने लगभग 2,600 बीमारियों और इलाज सेवाओं के लिए दरें निर्धारित की हैं।
भुगतान विधि के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार अस्पतालों को आपसी सहमति से तय दरों के अनुसार भुगतान करेगी, चाहे वे अस्पताल किसी बीमारी या इलाज सेवा के लिए बाहर के व्यक्तियों से कितनी भी अधिक राशि वसूल रहे हों।
अस्पतालों की जवाबदेही के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत सूचीबद्ध सभी अस्पताल सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर इलाज देने के लिए बाध्य हैं और उन्हें यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि लाभार्थियों को कैशलेस इलाज मिले।
योजना के बारे में किसी भी तरह की गलत जानकारी को सीधे तौर पर खारिज करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अस्पतालों को सरकार द्वारा सीधा भुगतान किया जाएगा और लाभार्थियों से एक पैसा भी नहीं लिया जाएगा। उन्होंने पंजाब विरोधी ताकतों द्वारा इस योजना के संबंध में गुमराह करने वाली और गलत तस्वीर पेश करने की कोशिशों को सिरे से नकारते हुए लोगों से अफवाहों से दूर रहने की अपील की।
योजना के लाभों के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत लाभार्थियों के लिए इलाज सेवाएं कैशलेस हैं और अस्पतालों द्वारा मरीजों से कोई फीस नहीं ली जाएगी।
लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को ऐसी ताकतों से सावधान रहना चाहिए जो बेबुनियाद अफवाहें फैलाकर जनहित को नुकसान पहुंचाने पर तुली हुई हैं। उन्होंने कहा कि मैं समूह पंजाबियों से अपील करता हूं कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।
योजना के तहत इलाज सेवाओं के बारे में विस्तार से बताते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार ने ठोस व्यवस्था बनाई है जिसके तहत अस्पताल में दाखिले से लेकर जांच या टेस्ट, इलाज और अस्पताल से छुट्टी तक की पूरी इलाज प्रक्रिया कैशलेस रहेगी।
उल्लंघन के संबंध में स्पष्ट चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई अस्पताल इस योजना के तहत किसी मरीज से पैसे की मांग करता है तो तुरंत सरकार को शिकायत दर्ज करवाई जाए।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार ऐसे गलत कामों में शामिल पाए जाने वाले किसी भी अस्पताल के खिलाफ सख्त, दंडात्मक और मिसाली कार्रवाई करेगी।
अंत में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैं पंजाब के लोगों से अपील करता हूं कि वे इस योजना का, जिसकी दुनिया भर में सराहना हो रही है, अधिक से अधिक लाभ उठाएं।”