पंजाब सरकार कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध, वन विभाग में पुनर्गठन प्रस्ताव के तहत नए पदों का सृजन और कर्मचारियों की मांगों पर गंभीर विचार।
पंजाब सरकार, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में, अपने कर्मचारियों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। वन एवं वन्यजीव संरक्षण मंत्री लाल चंद कटारुचक ने वन परिसर में विभिन्न बैठकों के दौरान कहा कि वन विभाग के कर्मचारी प्रशासन का अभिन्न हिस्सा हैं और उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जा रहा है।
मंत्री कटारुचक ने वन रेंजर एवं उप वन रेंजर संघ, पंजाब राज्य वन विकास निगम, बठिंडा के सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ और पंजाब लोकतांत्रिक जंगल मजदूर संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठकों की अध्यक्षता की। इन बैठकों में कर्मचारियों द्वारा उठाई गई मांगों और मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
वन विभाग के पुनर्गठन प्रस्ताव के तहत, वित्त विभाग द्वारा मंजूर किए गए 44 नए पद पंजाब वन सेवा (ईएसीएफ) में शामिल किए गए हैं। इसके अलावा, मुकदमेबाजी के मामलों के प्रभावी निपटान के लिए दो विधि अधिकारियों और छह कानूनी सहायकों के पद भी सृजित किए गए हैं।
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मंत्री ने पीएफएस कैडर में सीधी भर्ती की मांग पर कहा कि संबंधित नियमों की अधिसूचना जारी होने के बाद इस मामले पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाएगा। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन मुद्दे को सुलझाने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।
डेमोक्रेटिक जंगल मजदूर यूनियन के साथ हुई बैठक में अस्थायी और अशिक्षित कर्मचारियों (519 याचिकाकर्ता/गैर-याचिकाकर्ता) की सेवाओं को नियमित करने की मांगों को भी गंभीरता से सुना गया।
इस अवसर पर अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (एपीसीसीएफ) सौरभ गुप्ता और मुख्य वन्यजीव वार्डन बसंत राज कुमार भी उपस्थित रहे।
