पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्री आनंदपुर साहिब से “थैंक्सगिविंग यात्रा” की शुरुआत की। उन्होंने गुरु साहिब के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सख्त एंटी-सैक्रिलेज कानून और “सरबत दा भला” के संदेश को दोहराया।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को पवित्र नगर श्री आनंदपुर साहिब से “थैंक्सगिविंग यात्रा” की शुरुआत की। यह यात्रा खालसा पंथ की स्थापना से जुड़ी ऐतिहासिक भूमि से शुरू की गई, जहां मुख्यमंत्री ने गुरु साहिब के चरणों में नमन कर आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा जनता के प्रति धन्यवाद प्रकट करने और राज्य में शांति, एकता और भाईचारे के संदेश को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
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बेअदबी की घटनाओं पर सख्त कानून का संकेत
अपने संबोधन में सीएम मान ने धार्मिक ग्रंथों और आस्थाओं के अपमान यानी बेअदबी की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए एक बेहद सख्त कानून लाने की दिशा में काम कर रही है। प्रस्तावित कानून का उद्देश्य दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करना और धार्मिक भावनाओं की रक्षा करना है, जिससे समाज में शांति और विश्वास कायम रह सके।
ਖਾਲਸਾ ਪੰਥ ਦੀ ਸਾਜਨਾ ਭੂਮੀ ਤੋਂ ‘ਸ਼ੁਕਰਾਨਾ ਯਾਤਰਾ’ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ.. ਬੇਅਦਬੀ ਰੋਕਣ ਲਈ ਸਖ਼ਤ ਕਾਨੂੰਨ ਪਾਸ ਕਰਵਾਉਣ ਦੀ ਅਹਿਮ ਸੇਵਾ ਬਖ਼ਸ਼ਣ ‘ਤੇ, ਗੁਰੂ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਚਰਨਾਂ ਵਿੱਚ ਸ਼ੁਕਰਾਨਾ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਸ਼ਾਂਤੀ ਤੇ ‘ਸਰਬੱਤ ਦੇ ਭਲੇ’ ਦੀ ਅਰਦਾਸ ਜਾਰੀ ਰਹੇਗੀ। pic.twitter.com/gf1UL81sx1
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) May 6, 2026
“सरबत दा भला” पर आधारित सरकार की नीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मूल सिद्धांत “सरबत दा भला” यानी सभी का कल्याण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब में शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे को बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार धार्मिक संस्थाओं के सम्मान और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
जनता से जुड़ाव और समर्थन के लिए आभार
सीएम मान ने भीषण गर्मी के बावजूद कार्यक्रम में शामिल लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से माताओं और बहनों के समर्थन को सराहा और कहा कि जनता का विश्वास ही सरकार की सबसे बड़ी ताकत है।