एशियाई यूथ गेम्स में भारतीय कबड्डी टीम ने पाकिस्तान को 81-26 से हराया। मैच से पहले कप्तान ईशांत राठी ने पाकिस्तान से हाथ नहीं मिलाया, वीडियो वायरल।
एशियाई यूथ गेम्स 2025 में भारतीय कबड्डी टीम ने पाकिस्तान को बुरी तरह हराकर एक बार फिर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। इस मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को भारी स्कोर से 81-26 से हराया। मैच से पहले भारतीय कप्तान ईशांत राठी ने पाकिस्तान के कप्तान से हाथ नहीं मिलाया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह कदम भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े राजनीतिक तनाव और हालिया घटनाओं के कारण खेल के मैदान पर भी दिखा।
मैच से पहले पाकिस्तान कप्तान से हाथ नहीं मिलाया भारतीय कप्तान ने
मैच के टॉस के दौरान पाकिस्तान के कप्तान ने भारतीय कप्तान ईशांत राठी से हाथ मिलाने की कोशिश की, लेकिन राठी ने हाथ आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दोनों कप्तान इस स्थिति में थोड़े असहज नजर आए। भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले समय में राजनीतिक तनाव के चलते यह ‘नो हैंडशेक’ वाली स्थिति बनी है।
🚨 BIG! Team India REFUSES to shake hands with Pakistan before the toss at the Asian Youth Games 2025.
Later, India CRUSHED Pakistan 81–26 in a one-sided Kabaddi match 🔥 pic.twitter.com/vrGGr52rOC
— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) October 21, 2025
भारतीय कबड्डी टीम ने पाकिस्तान को किया बुरी तरह परास्त
मैच की बात करें तो भारत ने मैच की शुरुआत से ही जोरदार दबाव बनाया और सिर्फ 5 मिनट में पाकिस्तान को दो बार ऑलआउट कर दिया। पहले हाफ में भारत ने 43-12 की जबरदस्त बढ़त बना ली। दूसरे हाफ में भारतीय टीम ने अपने बेंच प्लेयर्स को मौका दिया और फिर भी पाकिस्तान के खिलाफ 81-26 से शानदार जीत दर्ज की। भारतीय टीम के प्रदर्शन ने एक बार फिर उनकी डोमिनेंस साबित की।
‘नो हैंडशेक’ की परंपरा जारी
यह पहली बार नहीं है जब भारतीय टीम ने पाकिस्तान टीम के खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया है। पिछले साल एशिया कप 2025 में भी भारतीय क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान से ऐसा व्यवहार किया था। महिला क्रिकेट टीम ने भी विश्व कप 2025 में पाकिस्तान से हाथ नहीं मिलाया था। इस तरह ‘नो हैंडशेक’ का प्रचलन अब कबड्डी के मैदान पर भी देखने को मिला है।
राजनीति और खेल का प्रभाव
पहलवानों और खिलाड़ियों ने यह फैसला भारतीय लोगों में पाकिस्तान के खिलाफ बढ़े गुस्से और हालिया पहलगाम हमले के बाद लिया है। यह कदम दर्शाता है कि खेल के मैदानों पर भी राजनीतिक मुद्दे गहराई से प्रभाव डाल रहे हैं।